उपचुनाव: अजय सिंह ने पारुल साहू से क्यों कहा – वरना मैं मुंह दिखाने लायक नहीं बचूंगा

कांग्रेस उम्मीदवार पारुल साहू के पक्ष में जनता से वोट मांगने सुरखी पहुंचे अजय सिंह ने गोविंद सिंह राजपूत पर कड़ा निशाना बोला। कांग्रेस (congress) लगातार इस उपचुनाव में बिकाऊ वर्सेस टिकाऊ मुद्दे पर जनता का ध्यान अपनी तरफ केंद्रित करने की कोशिश कर रही है।

अजय सिंह

सागर, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में चुनावी संग्राम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। उपचुनाव की तारीखों के नजदीक आने के साथ साथ सियासी सरगर्मियां भी बढ़ती नजर आ रही है। राजनीतिक दल लगातार अपने प्रत्याशी की जीत के लिए उनके क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं एवं जनता से जनसंवाद कर रहे हैं। इसी बीच पूर्व मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह (Ajay singh) ने गोविंद सिंह राजपूत (govind singh rajput) पर कड़ा हमला बोलते हुए पारुल साहू (Parul sahu) से टिकाऊ माल साबित होने की बात कही है।

दरअसल शुक्रवार को पारुल साहू के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे अजय सिंह ने मंच से संदेश देने का काम किया है। अजय सिंह ने कहा कि हमारे पार्टी में रहने वाले गोविंद सिंह राजपूत बिकाऊ निकले लेकिन पारुल साहू आप टिकाऊ माल साबित होना। अजय सिंह ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रह जाऊंगा क्योंकि मैं जनता से आपके लिए वोट मांगने आया हूं। इस दौरान कांग्रेस उम्मीदवार पारुल साहू के पक्ष में जनता से वोट मांगने सुरखी पहुंचे अजय सिंह ने गोविंद सिंह राजपूत पर कड़ा निशाना बोला। कांग्रेस (congress) लगातार इस उपचुनाव में बिकाऊ वर्सेस टिकाऊ मुद्दे पर जनता का ध्यान अपनी तरफ केंद्रित करने की कोशिश कर रही है।

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वही सुरखी विधानसभा सीट से पारुल साहू ने बीजेपी का दामन छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। बता दें कि इससे पहले पारुल साहू भाजपा के टिकट से 2013 में गोविंद सिंह राजपूत को हरा चुकी है लेकिन 2018 में विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया गया था। जिसके बाद से पारुल साहू भाजपा पार्टी से नाराज चल रही थी।

ज्ञात हो कि कमलनाथ (kamalnath) की सरकार गिराते हुए कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए नेताओं को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर रही है। वहीं उपचुनाव में पीसीसी चीफ कमलनाथ हो या उनके कोई भी नेता उनका मुख्य एजेंडा बिकाऊ वर्सेस टिकाऊ के रूप में उभरकर सामने आ रहा है। वहीं इसका खासा विरोध जनता में भी देखने को मिल रहा है।

दूसरी तरफ बीजेपी (bjp) लगातार मुद्दों के साथ मैदान में डटी हुई है। बीजेपी नेता और मंत्री जहां कांग्रेस की 15 महीने की सरकार की खामियां गिनवा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अन्य मुद्दे पर भी बड़ा-बड़ा ऐलान कर रहे हैं। अब ऐसे में 3 नवंबर को होने वाले मतदान से पूर्व दोनों पार्टियां ताबड़तोड़ रैली एवं जनसंवाद से जनता का मनमोहने के लिए तैयार है।