BharatPe को मिली RBI की सौगात, ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के तौर पर कर पाएगा काम, पढ़ें पूरी खबर

BharatPe Online  Payment: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नए साल पर फिनटेक यूनिकॉर्न भारतपे को तोहफा दे दिया है। अब BharatPe ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के तौर पर काम कर पाएगा। RBI ने मामले में हरी झंडी दिखा दी है। हालांकि अब भी कुछ काम अभी भी बाकी है। मंगलवार को फिनटेक प्लेटफॉर्म ने इस बात की जानकारी दी है। रेसिलिएंट पेमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इसे मंजूरी मिली है, यह कंपनी भारत पे में  100 फीसदी की हिस्सेदारी रखता है। फिलहाल आरबीआई द्वारा इसे सैंध्दांतिक रूप से प्राधिकरण मिल चुका है।

भारत पे के सीईओ ने कहा

इस बात की जानकारी देते हुए भारत के सीएफओ और अंतरिम सीईओ नलीग नेगी ने कहा कि आरबीआई द्वारा मंजूरी मिलने के बाद कंपनी अपने विस्तार की योजना को मजबूत बनाने की कोशिश करेगा। साथ ही बहुत जल्द यह प्लेटफॉर्म आम लोगों  के बीच और दुकानदारों के बीच पहुँच सकता है। पेमेंट एग्रीगेटर की शर्तों को एक निर्धारित समय के अंदर पूरा करने के बाद भारतपे अपनी लेन-देन की शुरुआत कर सकता है। हालांकि फाइनल फैसला अब तक भारतपे द्वारा शर्तों को पूरा करने के बाद ही केन्द्रीय बैन द्वारा सुनाया जाएगा।

जल्द शुरू होगी सुविधा

पेमेंट एग्रीगेट के जरिए की दुकानदारों और ई-कॉमर्स पर ऑनलाइन लेनदेन किया जाता है। इसका कम्म ग्राहकों के पेमेंट को स्वीकार करने में मदद करती है।  बता दें की मार्च 2020 में सेंट्रल बैंक ने इससे जुड़े नए नियम बनाए थे।  इस नियमों के मुताबिक पेमेंट एग्रीगेटर का काम करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मंजूरी लेनी होगी। पिछले कुछ महीनों में इंफीबीम, कैशफ्री, और ओपन समेत कई फिनटेक कंपनियों को पेमेंट एग्रीगेटर का इस्तेमाल करने की मंजूरी दी गई है। 2021 तक करीब 185 कंपनियों ने इसके लिए आवेदन किया था।


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News