केंद्रीय विद्यालय में बच्चे को पढ़ाने का सपना रह सकता है अधूरा, बदला गया यह नियम! सीटों की संख्या भी हुई कम, लाखों कर्मचारियों पर होगा असर, देखें खबर

अपने बच्चों को केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाने का सपना हर निजी कंपनी के कर्मचारियों का होता है। लेकिन हाल ही में नियमों में कुछ बदलाव हुआ है जिसके बाद यह सपना पूरा होने में परेशानी हो सकती है।

Diksha Bhanupriy
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Kendriya Vidyalaya admission

Kendriya Vidyalaya Admission 2024 : अगर आप एक निजी कंपनी के कर्मचारी हैं और अपने बच्चों को केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाना चाहते हैं तो निश्चित तौर पर यह खबर आपके लिए है। दरअसल केंद्रीय विद्यालय ने 2024 के सत्र में विद्यालयों में एडमिशन को लेकर नियम में कुछ बदलाव किए हैं। इसका सीधा असर निजी कंपनियों के कर्मचारियों पर पड़ने वाला है।

दरअसल पिछले सत्र के एडमिशन तक यदि कोई निजी कंपनी का कर्मचारी एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर होता था और उसका बच्चा केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाई कर रहा होता था, ऐसी स्थिति में बच्चों को दूसरे राज्य के केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश आसानी से मिल जाता था। अब तक हर केंद्रीय विद्यालय की क्लास 40 बच्चों की संख्या की होती थी, जिसमें आठ सीटें किसी भी सेक्टर के कर्मचारी के बच्चों के लिए रखी जाती थीं।

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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है।