डिग्री-मार्कशीट और दस्तावेजों को लेकर UGC ने शैक्षणिक संस्थान को जारी की महत्वपूर्ण सूचना

बिना किसी शारीरिक हस्तक्षेप के संस्थानों द्वारा जारी किए गए रिजल्ट छात्रों तक पहुंच पाएंगे।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। UGC द्वारा शैक्षिक संस्थानों (Education institution) को डिग्री (Degree), मार्कशीट (marksheet) और अन्य दस्तावेजों (document) के विषय में एक महत्वपूर्ण सूचना जारी किया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को एक पत्र लिखा है। जिसमें डीजीलॉकर (Digilocker) खाते में जारी किए गए दस्तावेज में उपलब्ध डिग्री मार्कशीट और दस्तावेज को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने की बात कही है।

UGC के सचिव रजनीश जैन ने सभी शैक्षणिक संस्थाओं को लिखे अपने पत्र में कहा कि डिजीलॉकर खाते में जारी किए गए दस्तावेज में उपलब्ध सभी डिग्री, रिजल्ट और मार्कशीट को राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी कार्यक्रम की पहुंच बढ़ाने के लिए वैध दस्तावेज के रूप में मान्य कर दिया जाए। साथ ही UGC ने कहा कि NAD संस्था द्वारा एक डिजिटल प्रारूप में दर्ज किए गए डिग्री मार्कशीट का एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। जो छात्रों को सीधे Institute से डिजिटल प्रारूप में प्रमाण पत्र और मार्कशीट उपलब्ध कराने की सुविधा देता है। इसका फायदा यह होगा कि बिना किसी शारीरिक हस्तक्षेप के संस्थानों द्वारा जारी किए गए रिजल्ट छात्रों तक पहुंच पाएंगे।

Read More : तेज स्पीड से चल पड़ेगा आपका पुराना स्मार्टफोन, एकदम नई जैसी स्पीड के लिए ये ट्रिक अपनाएं

UGC ने अपने लिखे पत्र में कहा है कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को NAD को एक स्थाई योजना के रूप में लागू करने के लिए अधिकृत रूप में मान्य किया है। जिसमें Digilocker एक उपयुक्त ऑप्शन है। डिजिलॉकर NAD पोर्टल के माध्यम से शैक्षणिक संस्थान खुद को इसमें पंजीकृत कर सकेंगे और अपने संस्थान के शैक्षणिक पुरस्कार भी इस पर अपलोड कर सकेंगे।

यूजीसी ने सभी शैक्षणिक संस्थाओं को कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के NAD प्लेटफार्म में अपलोड Digilocker के माध्यम से अपलोड किए जाने के बाद छात्रों की डिग्री मार्कशीट और अन्य दस्तावेज को इलेक्ट्रॉनिक रूप में मान्य किया जाए। वही NAD प्लेटफार्म पर मूल संस्थान द्वारा छात्रों के जारी किए रिजल्ट सहित अन्य दस्तावेजों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के प्रावधानों के तहत इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के अनुसार वैध दस्तावेज माना जाए।