MP: केंद्र के समान DA-DR पर अड़े कर्मचारी, शिवराज सरकार को चेतावनी- दफ्तरों में लगेगा लॉकडाउन

वहीं अगर ऐसा नहीं होता है तो एक बार फिर से प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में लॉकडाउन (lockdown) लगाया जाएगा।

कर्मचारी

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। केंद्र (Central) द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों (central employees) के 7th pay commission महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत में बढ़ोतरी के बाद कई राज्यों ने अपने कर्मचारियों के डीए और डीआर में बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि मध्यप्रदेश (MP) में अभी तक इस मामले में कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया है। जिसके बाद मध्य प्रदेश के कर्मचारियों द्वारा DA की मांग जोर पकड़ने लगी है। अब सरकारी कर्मचारियों द्वारा की मांग की जा रही है। जिसको लेकर मध्य प्रदेश के लाखों कर्मचारी एक बार फिर से सड़क पर उतरेंगे।

DA-प्रमोशन (promotion) के मुद्दे को लेकर मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने 8 सितंबर को प्रदेश स्तरीय मीटिंग बुलाई है। जिसके लिए आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। वहीं प्रदेश के कर्मचारी सरकार (shivraj government) से अपनी मांगों को पूरा करने की मांग करेंगे। वहीं अगर ऐसा नहीं होता है तो एक बार फिर से प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में लॉकडाउन (lockdown) लगाया जाएगा।

इस मामले में संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी व कहना है कि 29 जुलाई को सामूहिक अवकाश लेने, 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जानी थी किंतु सरकार और अफसरों के आश्वासन के बाद हड़ताल को स्थगित कर दिया गया था। अब तक सरकार ने इस मामले में आदेश जारी किया है और ना ही किसी तरह की बात की गई है।

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इसलिए सरकार को इस गंभीर मुद्दे से अवगत कराने के लिए प्रदेश में एक बार फिर से आंदोलन किया जाएगा। इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि मध्य प्रदेश में इंक्रीमेंट और प्रमोशन की मांग की गई थी। हालांकि सरकार ने जुलाई में बड़ा फैसला देते हुए मध्य प्रदेश के 6 लाख से अधिक अधिकारी कर्मचारियों को दो इंक्रीमेंट का बड़ा लाभ दिया था। वही DA और प्रमोशन पर अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया है।

वहीं कर्मचारियों की मांगे कि 1 जुलाई 2020 और 1 जुलाई 2021 की वेतन वृद्धि में एरियर की राशि का भुगतान किया जाए। इसके अलावा अधिकारी कर्मचारी के प्रमोशन की प्रोसेस को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही गृह भाड़ा भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों की तरह मध्य प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों को भी देय हो। वहीं प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता का भुगतान किया जाना चाहिए।