SAHARA के खिलाफ फूटा एजेंटों का गुस्सा, संपत्ति नीलाम कर भुगतान करवाने की मांग, कुर्की के आदेश

SAHARA India : जिस पर पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर कलेक्टर ने सहारा इंडिया की सहयोगी कंपनियों की कुर्की के आदेश दिए हैं।

SAHARA

मन्दसौर, डेस्क रिपोर्ट। लाखों निवेशकों (investors) का अरबों रूपया लेकर भुगतान न करने वाली सहारा इंडिया कंपनी (SAHARA India company)  के खिलाफ अब एजेंटों (agents) का आक्रोश भी लगातार बढ़ता जा रहा है। मंदसौर में सहारा इंडिया कंपनी के कार्यकर्ताओं ने आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में कलेक्टर गौतम सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि कई वर्षों से एजेंट सहारा इंडिया कंपनी में काम करते आ रहे हैं लेकिन कंपनी कई वर्षों से जमाकर्ताओं का भुगतान नहीं कर रही है। कंपनी के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में FIR भी करवाई गई है लेकिन अभी तक इस में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।

कंपनी ने मंदसौर में अपनी अन्य सहयोगी कंपनियों के नाम से जमीन भी खरीदी थी। उसकी पुलिस अधीक्षक सुनील पांडे के प्रतिवेदन पर कलेक्टर मंदसौर गौतम सिंह द्वारा कुर्की की कार्यवाही भी की गई है। जिसमें मांग की है कि जमीन तुरंत नीलाम करवा कर सम्मानित जमा कर्ताओं का भुगतान करवाया जाए। साथ ही सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत राय सहारा सहित कंपनी के समस्त उन डायरेक्टर को गिरफ्तार किया जाए। जिन्होंने जमाकर्ताओं का पैसा समय पर नहीं लौटाया है। कलेक्टर गौतम सिंह को दिए गए ज्ञापन में सहारा के एजेंटों ने ये मांग की है।

SAHARA के खिलाफ फूटा एजेंटों का गुस्सा, संपत्ति नीलाम कर भुगतान करवाने की मांग, कुर्की के आदेश

सहारा इंडिया कंपनी एवं उसकी सहयोगी कंपनियां सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी, स्टार मल्टीपरपज सोसायटी, सहारन यूनिवर्सल कोऑपरेटिव सोसायटी, सहारा क्यू शॉप सहित जितने भी सहारा इंडिया कंपनी द्वारा सहयोगी कंपनियों के रूप में जमाकर्ताओं से धन उगाही करने की कंपनियां है। उन सब में हमने एजेंट के रूप में काम किया है।

सहारा इंडिया में कई वर्षों से काम कर रहे एजेंट का कहना है कि एजेंट के रूप में काम कर रहे थे लेकिन पिछले कई सालों से कंपनी द्वारा जमा कर्ताओ का भुगतान परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि जमाकर्ताओ ने हमारे माध्यम से ही सहारा इंडिया एवं उसकी सहयोगी कंपनियों में पैसा जमा करवाया था।

इसलिए जमाकरता हमें ही भुगतान करवाने के लिए कहते हैं, कई बार जमा कर्ताओं द्वारा एजेंटों के साथ मारपीट भी की जाती है, गाली गलौज भी की जाती है। धमकियां भी दी जाती है और कई बार जमाकर्ता पुलिस थानों में हमारी भी शिकायत कर देते हैं, जिसके कारण हमें पुलिस थाना, कोर्ट कचहरी में भी जाकर अपनी बात रखनी पड़ती है।

यह कि यह समस्या पूरे हिंदुस्तान सहित मध्य प्रदेश और मंदसौर में भी है। जहां पर सहारा इंडिया एवं उसकी सहयोगी कंपनियां सहारा क्रेडिट सोसायटी, स्टार मल्टीपरपज सोसायटी, सहारन यूनिवर्सल कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारा क्यू शॉप द्वारा लगभग सम्मानित जमाकर्ताओं का 65 से 70 करोड़ इकट्ठा किया गया। जोकि परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है।

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इस बाबत कर्मचारियों ने पहले भी कई बार आवेदन और शिकायत की है लेकिन अभी तक सहारा इंडिया कंपनी के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। मंदसौर सिटी कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज है। जिस पर पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर कलेक्टर ने सहारा इंडिया की सहयोगी कंपनियों की कुर्की के आदेश दिए हैं। एजेंटों को जानकारी मिली है कि जमीन की कुर्की की कार्रवाई रुकवाने के लिए तरह-तरह के षडयंत्र किए जा रहे हैं और जिन कंपनियों के नाम से जमीन खरीदी गई थी, उनका सहारा इंडिया से कोई संबंध नहीं है।

इस तरह का पक्ष रखने की कोशिश की जा रही है। जबकि जिन कंपनियों के नाम से जमीन खरीदी गई थी वह सभी कंपनियां सहारा इंडिया ग्रुप की ही है। उनके कर्मचारी भी सहारा इंडिया के ही थे। वहीँ जमा कर्ताओं के हित में मजबूत पक्ष रखा जाए और जमीन की नीलामी करवाई जाए, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सहारा इंडिया कंपनी ने अपने अन्य सहयोगी कंपनियों के नाम से भी मंदसौर में सहारा सिटी होम्स के निर्माण के लिए जमीन खरीदी थी। जिस पर सहारा सिटी होम्स का निर्माण नहीं किया गया और जमीन बेच दी गई। जमीन के बचे हुए पैसे का भी जमाकर्ताओ का भुगतान नहीं किया और हमारे साथ धोखाधड़ी हुई है।

SAHARA के खिलाफ फूटा एजेंटों का गुस्सा, संपत्ति नीलाम कर भुगतान करवाने की मांग, कुर्की के आदेश

सहारा इंडिया के कार्यकर्ता इस समय बेहद आर्थिक एवं मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं। इसके कारण कई एजेंट आत्महत्या भी कर चुके हैं और कई आत्महत्या करने की स्थिति में आ गए हैं। वहीँ उन्होंने कोललेटर से निवेदन है कि सहारा इंडिया एवं उसकी सहयोगी कंपनियों के डायरेक्टर्स और अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जावे और जमाकर्ताओं को भुगतान करवाया जाए।

सहारा इंडिया एवं उसकी सहयोगी कंपनियों के नाम से जो मंदसौर में अचल संपत्ति या है उनको नीलामी करवाकर यहां के जमा कर्ताओं का भुगतान करवाया जाए या अन्य कोई भी सहारा इंडिया के नाम से संपत्ति कुर्क कर उससे जमाकर्ताओं का भुगतान कर हमें इस संकट से निकलवाया जाए। सहारा इंडिया कार्यकर्ताओ के दिए हुए ज्ञापन पर कलेक्टर गौतम सिंह ने कहा कि न्यायालय कार्रवाई चल रही है, जिससे कुर्की के आदेश दे दिए हैं।

इस अवसर पर कुलदीप पाठक, नरेंद्र धनोतिया, राजेश गुप्ता, राजू लाल राठौर, शाकिर नूर, सुंदरलाल रतनावत, नंदकिशोर माली, मांगीलाल सेठिया, यशवंत कुमार डिया, जितेंद्र कुमार जैन, राजेंद्र कुमार परिहार,रमेश चंद्र गहलोत, हरि शंकर कुमावत, बलराम भावसार, लक्ष्मी नारायण माली, विनोद व्यास, राजेश पालीवाल, अंकित जैन, वीरेंद्र कुमावत, अशोक कुमार श्रीवास्तव, सतीश जैन, योगेश जैन, नंदकिशोर माली, मोहनलाल परमार, विजय पुनवानी, दौलत राम पाटीदार, मनीष जैन, राजेश शर्मा,सुरेश खमोरा, राजेश गुप्ता, महेश गुप्ता, सुनील मुजावदिया आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।