MP : लापरवाही पर बड़ा एक्शन, CMO सहित 256 अधिकारियों को नोटिस जारी, जवाब नहीं देने पर होगी एकपक्षीय कार्रवाई

साथ ही कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जवाब सही नहीं मिलने की स्थिति में गोपनीय चरित्रावली में विपरीत टिप्पणी करने के निर्देश दिए हैं

मध्यप्रदेश (MP) में लापरवाह अधिकारी (negligence employees) कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। दरअसल धार जिले में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें परियोजना अधिकारियों को जिला कलेक्टर पंकज द्वारा बड़ी निर्देश दिए गए हैं। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा MPR में जानकारी नहीं देने और कार्य में लापरवाही बरते जाने पर उनकी सेवा समाप्त करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौने, प्री-स्कूल एजुकेशन से संबंधित सामग्री शिक्षा से संबंधित दीवार लेखन सफाई आदि कार्यवाही 1 सप्ताह में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कलेक्टर पंकज जैन ने कहा है कि भ्रमण में आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। निरीक्षण में यदि कोई कमी पाई जाती है या फिर कार्यकर्ता द्वारा बच्चे की औपचारिक शिक्षा आदि की पूर्ति नहीं की जाती है तो संबंधित अधिकारी कर्मचारियों सहित परियोजना स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

वही एक अन्य कार्रवाई ग्वालियर जिले में की गई है। दरअसल सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को लेकर लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा 57 अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। वहीं मार्च में प्राप्त शिकायतों की संतुष्टि करण से समाधान ना करने के कारण यह कार्रवाई की गई है। साथ ही कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जवाब सही नहीं मिलने की स्थिति में गोपनीय चरित्रावली में विपरीत टिप्पणी करने के निर्देश दिए हैं।

आंकड़ों की माने तो जैसे-जैसे ज्यादा शिकायत पेंडिंग है एसडीएम इक्षित गढ़पाले के मुताबिक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, उप निरीक्षक, नायब तहसीलदार, प्राचार्य सहायक, स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक यंत्री, राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक और अन्य 57 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।

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वहीं एक अन्य कार्रवाई खंडवा जिले में की गई है। जहां शहर में अवैध कॉलोनी बिछाने के बाद कार्रवाई नगर निगम द्वारा की गई है। दरअसल कृषि भूमि को परिवर्तित किए बिना अवैध रूप से भूखंड वितरित किए मामले में कॉलोनियों के मकान बनाकर रहने वाले कॉलेजों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं 1 सप्ताह में नोटिस का जवाब नहीं देने पर एक पक्षीय कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस मामले में नगर निगम की कॉलोनी सेल प्रभारी व सहायक यंत्री का कहना है कि नगर निगम अवैध कॉलोनी पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके कार्रवाई की है। वही नोटिस में 7 दिन की निर्धारित अवधि दी गई है। अवैध कॉलोनी ज को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है। अगर ऐसा नहीं होता है तो एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी और कॉलोनाइजर से दंडित राशि भी वसूल की जाएगी।

वहीं एक अन्य कार्रवाई Bina जिले में की गई है। जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण में लापरवाही बरतने वाले 200 हितग्राहियों को एसडीएम ने नोटिस जारी कर दिए। 50 हितग्राही मंगलवार को SDM के सामने पेश भी हुए इलाज पर राशि खर्च होने की बात सामने आने और मटेरियल महंगा होने का तर्क देकर उन्होंने बचने की कोशिश की हालांकि उन्हें राहत नहीं दी गई है।

योजना प्रभारी श्रद्धा खरे ने कहा कि पीएम आवास योजना के तहत ही स्वयं को चार किस्त में ₹120000 का भुगतान किया जाना था। करीब 1 साल पहले एक हजार से ज्यादा हितग्राहियों के नाम से आवास स्वीकृत हुए थे। जिनमें से 200 हितग्राही आवास की राशि निकालने के बाद उम्मीद के मुताबिक काम नहीं किए हैं। हितग्राहियों को आवास पूर्ण करने के लिए कई बार कहा गया। पीएम आवास योजना प्रभारी ने कार्रवाई की चेतावनी दी है और कहा है कि अगर आवास पूरा नहीं किया जाता है तो हितग्राहियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।