नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। मानसून सत्र (monsoon session) से पहले मोदी सरकार (modi government) ने पीयूष गोयल (piyush goyal) को बड़ी जिम्मेदारी दी है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल राज्यसभा में सदन के नेता होंगे। वह थावरचंद गहलोत (Thawar Chand Gehlot) का स्थान लेंगे। 57 वर्षीय गोयल को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से कुछ दिन पहले महत्वपूर्ण भूमिका के लिए चुना गया है। भाजपा नेता गोयल 2010 से राज्यसभा के सदस्य हैं। पीयूष गोयल पहले राज्यसभा के उपनेता के रूप में कार्यरत थे।

गोयल ने वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, और खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालयों को संभाला है। उनकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार उनके कार्यकाल में भारतीय रेलवे ने 2018-19 में अपना सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा रिकॉर्ड हासिल किया है। उनके पिता वेद प्रकाश गोयल अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय जहाजरानी मंत्री थे। इससे पहले गोयल देश के रेल मंत्री थे।

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राज्यसभा में उन्हें भूपेंद्र यादव के साथ सरकार के प्रमुख संकटमोचक के रूप में माना जाता है। जिन्होंने विपक्षी नेताओं को भाजपा में शामिल होने में मदद की। यह भी माना जाता है कि उन्होंने महत्वपूर्ण विधेयकों पर समर्थन जुटाया है।अब उन्हें अपने बढ़े हुए कद के साथ, पार्टी के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय, भाजपा संसदीय बोर्ड में भी भूमिका मिलने की उम्मीद है।

दिलचस्प बात यह है कि मंगलवार को जब संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति के गठन की घोषणा की गई तो उन्हें CCPA का सदस्य नहीं बनाया गया, जबकि राज्यसभा में सदन के नेता को आदर्श रूप से समिति का हिस्सा होना चाहिए। ऐसा लग रहा है कि अब उन्हें इस कमेटी में शामिल किया जाएगा। राज्यसभा में सदन के नेता के रूप में वह सदन में पहली सीट पर कब्जा करेंगे और पीएम मोदी उनके बगल में बैठेंगे।

संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई से 13 अगस्त के बीच होगा। सोशल डिस्टैन्सिंग सुनिश्चित करने के लिए लोकसभा और राज्यसभा दोनों सत्र अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया की न्यूनतम उपस्थिति के साथ एक साथ आयोजित करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि सत्र सामान्य होगा। सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक में शून्य काल और प्रश्नकाल दोनों शामिल होंगे।