MP News: लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 2 पटवारी सहित 6 निलंबित, 1 की सेवा समाप्त, 8 को नोटिस जारी, 9 के वेतन रोके

पंचायत सचिव (panchayat Secretary) को सड़क के निर्माण में गड़बड़ी सहित कई शासकीय योजना में लापरवाही बरतने पर निलंबित (suspend) कर दिया है।

निलंबित

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों (Negligent Employees) पर गाज गिरने का का सिलसिला जारी है। लगातार काम में अनियमितता बरतने वाले अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है। इसी बीच एक अन्य कार्रवाई डिंडोरी जिले में की गई है। जहां जिला पंचायत सीईओ (panchayat CEO) ने डिंडोरी जनपद पंचायत कसाईसोढा ग्राम पंचायत सचिव (panchayat Secretary) को सड़क के निर्माण में गड़बड़ी सहित कई शासकीय योजना में लापरवाही बरतने पर निलंबित (suspend) कर दिया है। दरअसल जिला पंचायत के एपीओ रामजीवन वर्मा ने इस बारे में जानकारी दी है।

जिला पंचायत के अपर रामजीवन वर्मा ने जानकारी में बताया कि कई बार शिकायत मिली कि गांव के सीसी सड़क, सामुदायिक भवन, प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की जा रही है। जिसके बाद इस मामले में अधिकारियों द्वारा जांच कराई गई थी। जांच को सही जान पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। ग्राम पंचायत सचिव राजेश परस्ते को नोटिस जारी किया गया था। ग्राम पंचायत सचिव के जवाब को संतोषप्रद नहीं पाया गया है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

वहीं एक अन्य कार्रवाई मुरैना जिले में की गई है। मुरैना जिले में बीआरसी द्वारा बीआरसी कार्यालय में बैठक आयोजित की गई थी। आगामी सत्र में नई शिक्षा नीति लागू करने को लेकर बैठक की गई। जिसमें शिक्षक अधिकारियों कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जानी थी लेकिन बार-बार कहने के बावजूद इस बैठक में शिक्षक श्रेणी में शामिल नहीं हुए। जिसके बाद बीआरसी ने कहा के अधिकारी कर्मचारी सहित शिक्षकों की लापरवाही बेहद खतरनाक है।

शासकीय कार्यों में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं उन्होंने 5 शिक्षक को बैठक में अनुपस्थित जाने की वजह से वेतन रोकने के निर्देश दे दिए हैं। यह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उसमें बारेलाल राजोरिया, प्राथमिक विद्यालय राम अवतार मसूरिया, प्राथमिक विद्यालय, निशा तोमर प्राथमिक विद्यालय, कल्याण शर्मा प्राथमिक विद्यालय और उषा तोमर के नाम शामिल है।

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वहीं एक अन्य कार्रवाई छतरपुर जिले में की गई जहां करुणा के मामले की समीक्षा सहित अन्य शासकीय योजनाओं की समीक्षा बैठक करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रोको टोको अभियान चलाया जाए। Corona के मामले बढ़ने नहीं चाहिए। इसके साथ ही साथ लापरवाह पर उन्हें सख्ती दिखाई। कलेक्टर ने कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर सख्त एक्शन लिया है।

दरअसल बड़ामलहरा और राजनगर के जिला पंचायत सीईओ नगर परिषद के सीएमओ को आयुष्मान कार्ड बनाने में लापरवाही बरतने के मामले में नोटिस जारी कर दिया गया है ।वहीं उनके संतुष्ट जवाब ना देने की स्थिति में कार्यवाही की जा सकती है। इसके अलावा बड़ामलहरा के सभी इंजीनियर को बिना जानकारी बैठक में आने पर जमकर फटकार लगाई है।

इतना ही नहीं सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही बरतने पर बिजावर और राजनगर जिला पंचायत सीईओ सहित निर्वाचन शाखा को भी 2 दिन का वेतन काटने सहित नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा गुबार तहसीलदार को भी कार्य में लापरवाही और अनियमितता बरतने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

वहीं एक अन्य कार्रवाई रतलाम जिले में की गई है। दरअसल शहर के सब्जी मंडी के छतरी पुल के समीप मठ के पास की शासकीय जमीन चिन्हित करने के बाद प्रशासन द्वारा उस जमीन पर विकास के इंतजाम शुरू किया। जिसके बाद जमीन के स्वामित्व को लेकर गड़बड़ी सामने आई है। इस मामले में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के निर्देश पर पटवारी तेजवीर सिंह चौधरी को निलंबित कर दिया गया है।

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जानकारी के मुताबिक रतलाम शहर के कार्य में रतलाम की भूमि सर्वे क्रमांक 108/3 आवंटन का प्रस्ताव पटवारी रतलाम शहर द्वारा प्रस्तुत किया गया था। जिसके 2005-06 से लेकर 2011-12 के रिकॉर्ड के अनुसार भूमि न्यायालय के आदेश के अनुसार शंकर मंदिर के नाम पर दर्ज थी। वही 2022-23 के खसरे में इसे किसी निजी जमीन के तौर पर दिखाया गया है। जिसके बाद जानबूझकर तिथि छुपाने और शासक के हित को बाधित करने के दोषी को मानते हुए पटवारी तेजवीर सिंह चौधरी को निलंबित कर दिया गया। भू-अभिलेख कार्यालय अटैच किया गया है।

इसके अलावा रतलाम में हुई एक अन्य कार्यवाही में कलेक्टर कुरवार पुरुषोत्तम के निर्देश पर 4 एएनएम को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। इसके पीछे अनमोल एप पर उनके सबसे खराब परफॉर्मेंस को इसकी वजह बताया गया है। साथ ही एक संविदा एएनएम की सेवा समाप्ति के भी नोटिस जारी किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक अनमोल एप में खराब परफॉर्मेंस करने वाले 4 ANM पर निलंबन की गाज गिरी है। साथ ही एक की सेवा समाप्त कर दी गई है विभाग ने अनमोल पोर्टल पर कम प्रविष्टि के कारण विकास खंड कार्यक्रम प्रबंधक को कार्य उपलब्धि के प्रतिशत के आधार पर वेतन काटने के आदेश जारी किए हैं। जिन एएनएम पर यह कार्रवाई की गई है, उन्हें परिणीता शर्मा आलोट, केसर चौधरी पिपलोदा, पुष्पा मसीह सैलाना कलावती बरानियां जावरा पर यह कार्रवाई की गई है। वहीं संविदा एएनएम रेखा डाबर की सेवा समाप्ति के नोटिस जारी किए गए हैं।

इसके अलावा अनमोल पोर्टल पर कम प्रविष्टि दर्ज करने के बाद भी BPM मुकेश राठौर के 40 फीसद उपस्थिति के कारण के 6 दिन के मानदेय, बाजना के BPM अंसारी के 7 दिन, जावरा के प्रभारी बीपीएम बसंती लाल खेड़ा के 5 दिन के जबकि पिपलोदा के अनिल धुर्वे के 4 दिन और सैलाना के धनसिंह रावत के 8 दिन सहित राजेश राव के 3 दिन के मानदेय काटने के आदेश जारी किए गए।

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वहीं एक अन्य कार्रवाई अशोकनगर जिले में की गई है। जहां चंदौली नगरी क्षेत्र में लंबे समय से नामांतरण प्रक्रिया को लेकर कई तरह की शिकायत देखी जाएगी। दरअसल विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में इस मामले को उठाया गया। जिस पर सीएमओ ने नामांतरण रुकने के लिए SDM को जिम्मेदार ठहरा दिया है।

CMO का कहना है कि एसडीम के पास 8 महीने से 132 नामांतरण की फाइल अटकी हुई है। इस दौरान मंत्री सांसद और कलेक्टर की समीक्षा बैठक में शामिल हुए थे। इस संबंध में नगर पालिका सीएमओ माधुरी शर्मा से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है एसडीएम प्रथम कौशिक के द्वारा यह कार्य नहीं किया जा रहा है।

वहीं कई अन्य शासकीय योजनाओं की समीक्षा बैठक की गई। जिसमें सांसद मंत्री और कलेक्टर भी मौजूद थे। इस दौरान पीएम आवास योजना में रिश्वत की खबर सामने युवक पीएम आवास ने रिश्वत की बात कही है। चंदेरी निवासी मोहित कोली के मुताबिक उपयंत्री जयदीप शाक्यवार द्वारा उनसे आवास स्वीकृत करने के लिए 20 हज़ार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। जिसके बाद कलेक्टर द्वारा युवक को जांच किया आश्वासन दिए गए हैं।