MP Board : ऑफलाइन होगी 12वीं की परीक्षा, ऐसे होंगे नियम और पैटर्न

मंत्री परमार का कहना है सीबीएसई 12वीं की परीक्षा के बाद NEET-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी होनी है। इससे पहले 12वीं की परीक्षा को आयोजित करना अनिवार्य है। ताकि छात्रों को किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। लॉकडाउन (lockdown)  और कोरोना कर्फ्यू (corona curfew) के बीच प्रदेश में MP Board 12वीं की परीक्षा ऑफलाइन माध्यम (offline mode) से संचालित की जा सकती है। दरअसल MP Board 12वीं की परीक्षा को लेकर जून के पहले सप्ताह में बड़ा फैसला लिया जाएगा। यह तो तय है कि परीक्षा ऑफलाइन माध्यम से होगी जबकि परीक्षा जुलाई महीने में संचालित करवाई जाएगी।

इससे पहले स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार (indar sing parmar) ने कहा कि 12वीं की परीक्षा ऑफलाइन मोड में होगी। इसके लिए विभाग द्वारा परीक्षा की तैयारियां पूरी की जा रही है। खाका लगभग तैयार हो चुका है। जून के पहले सप्ताह में बैठक के बाद परीक्षा के पैटर्न अवधि सहित प्रश्न पत्रों को लेकर बड़ा निर्णय लिया जाएगा। इतना ही नहीं स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने यह भी कहा 12वीं की परीक्षा में सिर्फ प्रमुख विषयों की परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी। परमार का कहना है कि CBSE द्वारा 1 जून को टाइम टेबल घोषित करने का इंतजार किया जा रहा है। CBSE और MP Board की परीक्षा खत्म होने में 1 सप्ताह से ज्यादा का समय नहीं रखा जाएगा।

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मंत्री परमार का कहना है सीबीएसई 12वीं की परीक्षा के बाद NEET-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी होनी है। इससे पहले 12वीं की परीक्षा को आयोजित करना अनिवार्य है। ताकि छात्रों को किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। 1 जून के पहले सप्ताह में होने वाली बैठक में परीक्षा की अवधि को कम करने का सुझाव दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि परीक्षा 10 से 11 दिन में पूरी करवाई जाएगी। वही जून के आखिरी सप्ताह तक परीक्षा कराने पर भी सहमति बन सकती है। इसके अलावा हिंदी और अंग्रेजी छोड़ सभी प्रमुख विषय की परीक्षा ली जाए, इसपर सहमति बनाई जा सकती है।

इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा MP Board 12वीं की परीक्षा गुजरात और छत्तीसगढ़ मॉडल से कराए जाने पर सहमति बन सकती है।  यदि परीक्षा गुजरात मॉडल के अनुरूप होती है तो 100 ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के लिए बच्चों को डेढ़ घंटे का पेपर दिया जाएगा। इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य प्रदेश में इस परीक्षा मॉडल से परीक्षा किया जाना संभव नहीं है। वहीं छत्तीसगढ़ मॉडल के अनुरूप बच्चे या पालक में से कोई स्कूल आए और क्वेश्चन आंसर की कॉपी लेकर घर जाए और घर पर प्रश्न पत्र को हल कर वापस स्कूल में जमा कर दें। मध्यप्रदेश में ऐसे भी परीक्षा कराना संभव नहीं है। इसको देखते हुए जून के पहले सप्ताह में ऑफलाइन मोड में आयोजित होने वाली 12वीं की परीक्षा को लेकर नियम विधि और समय तय किए जाएंगे।