MP Board : इन छात्रों को लग सकता है बड़ा झटका, ये है कारण

हालांकि परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले बच्चों पर अब फेल (fail) होने का खतरा मंडरा रहा है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में MP Board कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए विशेष परीक्षा (special exam) का आयोजन किया जा रहा है। MP School में 6 सितंबर से परीक्षा शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही प्रदेश के कुल 14000 विद्यार्थी इस विशेष परीक्षा में शामिल हुए हैं। परीक्षा के लिए प्रदेश में 52 जिलों में परीक्षा केंद्र (exam center) बनाए गए हैं। 14000 विद्यार्थी में से कई जिलों में विद्यार्थियों की संख्या में कमी देखी गई। हालांकि परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले बच्चों पर अब फेल (fail) होने का खतरा मंडरा रहा है।

दरअसल जनरल प्रमोशन से जारी हुए परीक्षा परिणाम को चुनौती देकर स्पेशल परीक्षा में आवेदन कर शामिल ना होने वाले छात्र का 1 साल खराब हो सकता है। अब उनका मूल्यांकन परीक्षा के परिणाम पर आधार किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने कई विद्यार्थियों को फॉर्म भरने के बाद भी नाम वापस लेने का मौका दिया था लेकिन जिन छात्रों ने परीक्षा में बैठना तय किया है और फॉर्म से नामांकन वापस नहीं लिया, बावजूद इसके परीक्षा में अनुपस्थित रहे हैं। उन परीक्षार्थियों पर अब फेल होने का खतरा मंडरा रहा है।

MP Board 10वीं 12वीं के परीक्षा परिणाम आ चुके हैं। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में विशेष परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इन परीक्षा में ऐसे बच्चे शामिल हुए हैं, जो अपनी परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं है। परीक्षा सुबह 9:00 बजे से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक संचालित की जा रही है। वहीं परीक्षा 6 सितंबर से 15 सितंबर तक जारी रहेगी। जबकि 12वीं की परीक्षा 21 सितंबर तक चलेगी।

इसके अलावा मंडल की तरफ से कहा गया है कि जो छात्र लंबे समय से अनुपस्थित थे या जो फेल हो गए थे। उन्हें भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई थी। हालांकि रिजल्ट से नाखुश रहने के कारण परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या ज्यादा रही। एमपी बोर्ड के जनसंपर्क अधिकारी एसके चौरसिया (SK Chaurasia) ने कहा कि मुख्य रूप से, जो छात्र अपने ग्रेड से नाखुश हैं, वे परीक्षा के लिए उपस्थित हो रहे हैं।

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राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 के MP Board कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए सोमवार से विशेष वार्षिक परीक्षा का आयोजन किया था। चौरसिया ने कहा कि परीक्षा आयोजित करते समय सभी कोविडकोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था।

कई छात्रों ने सोमवार को परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले आत्मविश्वास दिखाया और कहा कि वे परीक्षणों में अच्छा स्कोर करेंगे। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण इस वर्ष राज्य में MP board कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित नहीं की गईं। इसके बजाय छात्रों का मूल्यांकन उनके पिछले प्रदर्शन के आधार पर किया गया था।

कक्षा 10 और 12 के लगभग 18 लाख छात्रों के परिणाम पहले उनके पिछले प्रदर्शन के आधार पर घोषित किए गए थे। कक्षा 12 के छात्रों का मूल्यांकन कक्षा 10 में प्राप्त अंकों के आधार पर किया गया था जबकि कक्षा 10 के छात्रों का मूल्यांकन पिछले तीन वर्षों में आयोजित उनके आंतरिक स्कूल परीक्षणों के अंकों के आधार पर किया गया था।

बता दें कि कक्षा 10 के लगभग 9,000 और कक्षा 12 के 5,000 छात्र अब शारीरिक रूप से परीक्षा दे रहे थे। उन्होंने कहा कि दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं इस महीने के अंत में पूरी कर ली जाएंगी। एक अधिकारी के अनुसार यदि सुधार परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र अच्छा स्कोर नहीं करते हैं, तो उन्हें अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र किसी विषय में असफल होता है, तो उसे पूरक परीक्षा के रूप में इसे पास करने का मौका दिया जाएगा।