Hindi News

अनुकंपा नियुक्ति को लेकर हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, राज्य शासन और विभाग को 120 दिन की मोहलत

Written by:Kashish Trivedi
Published:

जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) ने नियुक्ति (Employee Appointment) को लेकर बड़ा आदेश जारी किया। दरअसल विभाग (department) और राज्य शासन को आदेश देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि नियुक्ति से वंचित प्रतिभाशाली आवेदक के लिए सरकार किसी विभाग में रिक्त पद खोजें। हाईकोर्ट ने कहा कि रीत पर्स खोजे जाने सहित अनुसूचित जनजाति वर्ग के पद उपलब्ध होने पर व्यवसायिक परीक्षा मंडल आवेदन (MPPEB) आमंत्रित कर प्रतिभाशाली आवेदिका की नियुक्ति करे।

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता उम्मीदवार से अधिक मेघावी कोई अन्य अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हो तो इसके लिए मामले को सरकार के पास भेजा जाना चाहिए। सरकार नियम अनुसार याचिकाकर्ता को नियुक्ति देने की प्रक्रिया को पूरा करें। किसी भी प्रतिभाशाली आवेदक को नियुक्ति से वंचित नहीं रखा जा सकता। बता दें कि न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकल पीठ द्वारा कार्रवाई की गई है जिसमें इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 120 दिन की मोहलत राज्य शासन और विभाग को दी गई है।

जानकारी के मुताबिक याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी रश्मि पर्ती की ओर से अधिवक्ता केदारनाथ पोर्ते दलील पेश की। दलील पेश करते हुए उन्होंने कहा कि शासकीय विभाग में स्टेनोग्राफर के पद के लिए 2018 में आवेदन आमंत्रित किए गए थे। जिसके लिए याचिकाकर्ता द्वारा आवेदन किया गया था। हालांकि रश्मि एसटी वर्ग में टॉपर थी। याचिकाकर्ता की ओर से जानकारी देते हुए वकील ने कहा कि रश्मि ने चॉइस फिलिंग में पहली चॉइस फिलिंग लोकायुक्त भरी थी। जॉइनिंग के समय जब आवेदिका लोकायुक्त पहुंची। पता चला कि वहां हिंदी स्टेनोग्राफर के पद रिक्त हैं। वही याचिकाकर्ता की चॉइस फिलिंग भरते समय गलती होने के बाद उसे नियुक्ति से वंचित कर दिया गया था।

Read More :कर्मचारी-पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर, इंतजार हुआ खत्म, DA में 3 फीसद की बढ़ोतरी, फाइल पर लगी मुहर

वहीं अब इस मामले में हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि विभाग द्वारा रिक्त पदों को खोजा जाए और कृषि विभाग इंग्लिश स्टेनोग्राफर के रिक्त पद खो जाने के बाद व्यवसायिक परीक्षा मंडल इसके लिए आवेदन आमंत्रित करें। वहीं HC ने 120 दिन के अंदर इस प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिका के निर्देश देते हुए कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन के नियम की रोशनी पर भी निराकरण किया जाना चाहिए।

याचिकाकर्ता के पिता शासकीय विभाग में पदस्थ सेवा के दौरान उनके देहांत होने के बाद आवेदक अवयस्क था। ऐसी स्थिति में उसने आवेदन नहीं किया था। हालांकि अब आवेदक के वयस्क होने के बाद आवेदन की प्रक्रिया को पूरा किया गया। ऐसी स्थिति में आवेदन को दरकिनार किया गया है। जो कि उचित नहीं है। वहीं विभाग और राज्य शासन को निर्देश देते हुए कहा गया है कि आवेदक की अनुकंपा नियुक्ति की शिकायत को जल्द से जल्द दूर किया जाए।

Kashish Trivedi
लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews