MP News: जनता के हित में शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, ऐसे मिलेगा लाभ

सीएम शिवराज सिंह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh)  में Corona महामारी को देखते हुए शिवराज सरकार (shivraj government) ने जनता के हित में बड़ा फैसला लिया। दरअसल संपत्तियों की खरीद बिक्री के लिए Guideline की दरों में वृद्धि नहीं करने का फैसला लिया गया है। वहीं इस मामले में सीएम शिवराज (CM Shivraj) ने कहा कि ऐसे स्थान जहां दरें निर्धारित नहीं थी। वहां दरें निर्धारित की जाएंगी।

प्रदेश की जनता को बड़ी राहत देते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने आमजनों को राहत देने के उद्देश्य से इस वर्ष संपत्ति की गाइडलाइन की दरों में वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है। इस वर्ष मौजूदा गाइडलाइन से ही संपत्ति की खरीद और ब्रिक्री होगी। साथ ही 5,000 ऐसे स्थान, जहां दरें निधारित नहीं थीं वहां दरें निर्धारित की जाएंगी।

Read More: MPPSC : आयोग ने जारी की प्रारंभिक परीक्षा की Answer Key, 7 दिन के अंदर करें ये काम

इससे पहले गाइडलाइन को 30 जून तक जारी किया गया था। वहीं महिलाओं को Registry फी में 2% की छूट दी गई थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी थी। ज्ञात हो कि 29 मार्च को कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने 1 अप्रैल से नई गाइडलाइन जारी नहीं करने का निर्णय लिया था। जिसके बाद पिछले वित्तीय वर्ष में लागू गाइडलाइन को ही 1 महीने तक यथावत रखा गया था। हालांकि इसे अप्रैल से जून तक 2 महीने के लिए फिर से बढ़ा दिया गया था। एक बार फिर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनता को राहत देते हुए संपत्ति की खरीद और बिक्री गाइडलाइन में वृद्धि करने का निर्णय लिया है।

बता दे कि मध्य प्रदेश में 19 से 20% तक रजिस्ट्री फीस बढ़ाने का प्रस्ताव मूल्यांकन बोर्ड ने सरकार को दिया था जिसे 1 जुलाई से लागू किया जाना था लेकिन सरकार द्वारा 15 जुलाई और 30 जुलाई तक मौजूदा गाइडलाइन के हिसाब से इसका फैसला किया गया था। मूल्यांकन बोर्ड द्वारा सरकार को राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के सवा लाख लोकेशन पर 40% तक बढ़ाने के प्रस्ताव दिए गए थे। सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रस्ताव को हरी झंडी नही दी गई थी और इस पुराने गाइडलाइन को यथावत रखने का निर्णय लिया गया है।

ज्ञात हो कि इससे पहले वर्ष 2015-16 में सरकार द्वारा रजिस्ट्री फीस में 4 फीसद की बढ़ोतरी की गई थी। हालांकि 2016-17 से रजिस्ट्री फीस सहित स्टांप में बढ़ोतरी की जा रही है लेकिन संपत्ति खरीद बेच की वृद्धि के प्रस्ताव को फिलहाल टाल दिया गया है।