MP : प्रदेश में जल्द हो सकती है बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, मिले निर्देश, फेरबदल की तैयारी

कुछ मंत्रियों ने भी शिकायत की है कि मंत्री द्वारा लिखे गए पत्र का प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष द्वारा जवाब नहीं दिया जा रहा है।

राज्य शासन

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में इन दिनों सीएम शिवराज (CM Shivraj) एक्शन मोड (Action Mode) में नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि जल्दी ही कई अधिकारी कर्मचारियों (MP Officers) पर गाज गिरने वाली है। इसके लिए तैयारी शुरू की गई। दरअसल मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस (Iqbal Singh Bains) को निर्देश दिए गए हैं। सीएम के निर्देश के मुताबिक नाकारा और नाफरमान अफसरों की कुंडली तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है।

कुछ दिन पहले दिल्ली में हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश के नाफरमान अफसरों पर चर्चा की गई है। वहीं राष्ट्रीय कार्यवाहक अरुण कुमार और संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने कुछ अधिकारियों के नाम का भी उल्लेख किया है। इतना ही नहीं कुछ कर्मचारी ऐसे हो गए हैं। जो मंत्रियों के फोन तक नहीं उठाते। जिसके बाद सीएम शिवराज द्वारा मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के साथ सीएम शिवराज ने मुख्यमंत्री आवास में बैठक की। जिसके बाद नाकारा अफसरों की कुंडली तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है। उनकी बात को सुनने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

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बता दें कि वर्तमान में कई ऐसे विभाग हैं। जिनके प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष मंत्रियों के पत्र का जवाब तक नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने ऐसे मंत्रियों और प्रमुख सचिव के बीच चल रहे विवाद के कई मुद्दे पर प्रकाश डाला है। जिसके बाद माना जा रहा है कि जल्दी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। साथ ही ऐसे कई अफसर जो सीएम द्वारा दिए गए निर्देश की भी नाफरमानी कर रहे हैं। उन पर भी गाज गिर सकती है।

कुछ मंत्रियों ने भी शिकायत की है कि मंत्री द्वारा लिखे गए पत्र का प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष द्वारा जवाब नहीं दिया जा रहा है। साथ ही सभी विभागों के तबादले पर प्रतिबंध है लेकिन एक विभाग अध्यक्ष ने मनमाने तरीके से अधिकारियों के तबादले कर दिए। मंत्री ने तबादले निरस्त करने और प्रतिबंध के समय तबादले बिना समन्वय के ना करने के निर्देश दिए लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया ।जिसके बाद इसकी जानकारी मंत्री द्वारा मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को दी गई थी।

वही आदिम जाति और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग मंत्री द्वारा भी कई बार प्रमुख सचिव और आयुक्त के खिलाफ मनमाने तरीके से कार्य करने की बात कही गई है। इसके अलावा वाणिज्य मंत्री भी प्रमुख सचिव पर अपना गुस्सा जता चुके हैं। मंत्रियों और अधिकारियों के बीच तालमेल न होने की स्थिति में कई कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। जिसका असर आम जनता पर देखने को मिल रहा है। इसी बीच दोनों के बीच समन्वय स्थापित हो। इसके लिए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।