MP Politics: इस पार्टी ने बढ़ाई टेंशन, आगामी उपचुनाव में कांग्रेस-BJP को लग सकता है झटका!

नगरीय निकाय चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में आगामी उपचुनाव (MP UPcoming By-Election) को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई है। एक तरफ जहां Congress अपनी रणनीति(MP Politics)  पर कार्य कर रही है। वहीं दूसरी तरफ BJP ने Plan को चरणबद्ध तरीके से कार्यशैली में परिवर्तित करने का काम शुरू किया है। हालांकि बीते विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी BJP और Congress को बड़ा झटका लग सकता है।

दरअसल दो उपचुनाव वाली सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए जयस ने ऐलान कर दिया है। यह दोनों ही सीटें मालवा अंचल की है। इनमें से एक खंडवा (khandwa) जबकि दूसरा जोबट विधानसभा (jobat)  की सीटें हैं। हालांकि अगर जयस By-election में उतरता है तो उसका सबसे बड़ा खामियाजा Congress को भुगतना पड़ सकता है। जबकि जयस के चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी स्ट्रेटजी को लेकर दोबारा मंथन शुरू कर दिया है।

खंडवा और जोबट मालवा अंचल कि वह सीटें हैं जिस पर आदिवासी मतदाताओं की संख्या बहुत अधिक है। ऐसे में जयस आदिवासी युवा संगठन के इन दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारियों के साथ-साथ अपने प्रत्याशी तक तय किए जाने के बाद हलचल तेज हो गई है। इससे पहले यह सीट कांग्रेस के कब्जे में थी लेकिन विधायक कलावती भूरिया (kalawati bhuria) की मौत के बाद से यह सीट रिक्त हो गई है। वही दमोह सीट (Damoh) पर उपचुनाव जीतने के बाद कांग्रेस उत्साह में हैं। ऐसे में आगामी चुनाव में जोबट, पृथ्वीपुर सीट को कांग्रेस हर हाल में जीतना चाहेगी। खंडवा विधानसभा सीट को जीतने के लिए कांग्रेस ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

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इस मामले में कांग्रेस विधायक और जयस के संस्थापक हीरालाल अलावा (hiralal alawa) का कहना है कि खंडवा और जोबट सीटों पर कांग्रेस किसी आदिवासी को मौका देती है तो जयस-कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है। कांग्रेस के लिए एक अलग परेशानी सुरेंद्र सिंह शेरा (surendra singh shera) है। दरअसल सुरेंद्र सिंह शेरा की पत्नी ने आगामी उपचुनाव के लिए अपनी दावेदारी की बात कही है। कांग्रेस के सामने बड़ा संकट है। अगर वह जयस को छोड़ सुरेंद्र सिंह शेरा की पत्नी की दावेदारी के लिए तैयार होती है तो इससे एक तरफ जहां कांग्रेस के अंदरूनी मामले में उसे दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ के साथ उसे हानि पहुंचा सकते हैं।

जबकि दूसरी तरफ BJP फिलहाल इन सीटों के प्रत्याशी की तलाश में है। जो जीत का सेहरा अपने सिर बांध सकें। जयस के चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद बीजेपी के लिए नई चुनौती सामने आ गई है। बीजेपी का कहना है कि जयस कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है जबकि भाजपा का अपना वोट बैंक है। जिस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।