नए रूप में लागू होगी ये योजना, गरीबों-श्रमिकों को मिलेगा आर्थिक लाभ, CM Shivraj के निर्देश

सीएम शिवराज ने कहा कि श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

MP CORONA

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj) द्वारा लगातार विभागों (department) की समीक्षा बैठक की जा रही। इस दौरान विभागों को अधूरे काम को पूर्ण करने के निर्देश के अलावा कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं। ऐसे भी संबल योजना (MP Sambal yojna) को लेकर सीएम शिवराज ने बड़ी घोषणा की है। दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना गरीबों के कल्याण की लागू की गई थी। जिसे आगे आने वाले वित्तीय वर्ष में एक रूपरेखा किसने तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2019 में योजना के कार्य में रुकावट आई है। उसे जल्द से जल्द दूर किया जाएगा।

शिवराज ने कहा कि वर्तमान में योजना की कमी को दूर करने का काम तेजी से किया जा रहा है। वहीं उन्होंने श्रम विभाग को इस योजना में अच्छे परिणाम के लिए कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश में चलने वाली मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना गरीबों के कल्याण की विशिष्ट योजना है। इसकी पैकेजिंग पर फिर से काम किया जाए और वित्तीय वर्ष में इसे फिर से लागू किया जाए। इस योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए 1 अप्रैल 2018 से शुरू की गई। सूचना में ऐसे लोग शामिल किए जाते हैं। जिन्हें पीएफ, ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता है।

इसके अलावा जो शासकीय सेवक आयकर दाता नहीं होने के साथ ही साथ एक हेक्टेयर से कम भूमि के मालिक, ऐसे लोगों को संबल योजना का लाभ दिया जाता है। इस योजना में पात्र हितग्राहियों के नाम भी जोड़े जाते हैं। साथ ही अब तक वर्तमान वित्त वर्ष में अनुग्रह योजना में सहायता के लिए 23000 प्रकरण मंजूर किए गए हैं। सीएम शिवराज ने राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे श्रमोदय विद्यालय योजना में देश के श्रेष्ठ विद्यालय बने। इस दिशा में प्रयासरत होने के निर्देश दिए हैं।

ई-श्रम पोर्टल

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने असंगठित श्रमिकों के पंजीयन के लिए ई-श्रम पोर्टल निर्मित किया है। मध्यप्रदेश संबल योजना के 1 करोड़ 54 लाख असंगठित श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल से आधार E-KYC करने की पहल हुई है। इसके लिए सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं।

CM शिवराज ने कहा कि श्रमोदय आवासीय विद्यालय के संचालन में मध्य प्रदेश को अग्रणी बना है। इसके लिए श्रमिकों के बच्चों के लिए पब्लिक स्कूल की तरह ही सभी आवश्यक सुविधाएं श्रमोदय आवासीय विद्यालय में उपलब्ध कराया जाए। साथ ही शिक्षाविदों को भी विद्यालयों से जोड़ा जाएगा। इतना ही नहीं सीएम शिवराज ने कहा कि श्रमोदय आवासीय विद्यालय में प्रबंधन हो कि विद्यार्थियों को अच्छे संस्कार और अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा दोनों का लाभ मिल सके।

सीएम शिवराज के प्रमुख निर्देश

सीएम शिवराज ने कहा कि श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इसके साथ ही सीएम शिवराज ने कहा कि विदिशा जिले में विवाह योजना में अनियमितताओं के दोषियों को दंडित किया जाए। वहीँ प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को दिलवाएँ। इसके अलावा श्रम कल्याण क्षेत्र में नवाचार भी अपनाएँ।

बैठक में बताया गया कि आत्म-निर्भर भारत रोजगार योजना में कोरोना काल में 15 हजार रूपए से कम वेतन वाले कर्मचारियों को टेक होम वेतन में सुधार के लिए भारत सरकार से आर्थिक सहयोग मिला। एक हजार से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थान में कर्मचारियों का 12 प्रतिशत हिस्सा और एक हजार से कम कर्मचारियों वाले संस्थान में नियोक्ता और कर्मचारियों के पारिश्रमिक का 24 प्रतिशत हिस्सा सहयोग के रूप में प्रदान किया गया।

मध्यप्रदेश में गत माह तक 4 हजार 917 संस्थानों के एक करोड़ 47 लाख 364 श्रमिकों को 116 करोड़ 21 लाख रूपए की राशि प्रदान की गई है। योजना में Corona के बाद रिकवरी को ध्यान में रखते हुए लाभार्थियों की रजिस्ट्रेशन अवधि में 31 मार्च 2022 तक वृद्धि की गई है। योजना 01 अक्टूबर 2020 से 30 जून 2021 तक लागू थी, जिसका लाभ नए कर्मचारियों को 30 जून 2023 तक प्राप्त होगा।

नवीन कौशल प्रशिक्षण योजना में लघु अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। वर्तमान वित्त वर्ष में करीब 10 हजार और अगले वित्त वर्ष में करीब 20 हजार को लघु अवधि कौशल प्रशिक्षण देने की योजना है। इसी तरह पंजीकृत श्रमिकों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए JEE एवं NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग स्कीम प्रस्तावित है। मध्यप्रदेश ने राजस्थान सहित कई राज्यों के पूर्व ही जरूरी श्रम सुधार का निर्णय लिया।