CM की बैठक, 5वीं से 9वीं कक्षा में प्रवेश के लिए चलेगा अभियान, योग आयोग का होगा गठन

MP School: CM Shivraj ने कहा कि केवल शालाओं में प्रवेश के लिए ही नहीं अपितु कक्षा 5वीं से 6वीं और कक्षा 8वीं से 9वीं में प्रवेश के लिए भी स्कूल चले अभियान चलाया जाए।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सीएम शिवराज (CM Shivraj) मंत्रालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020) के लिए गठित टास्क फोर्स (Task force)  की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सीएम शिवराज ने छात्रों की MP School शिक्षा (education) पर बड़ा जोर दिया है। वहीँ उन्होंने शिक्षा योग (yoga) पर कई निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि योग को खेल के रूप में विकसित कर शालेय शिक्षा के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा।

प्रदेश में जन-जन तक योग के विस्तार के लिए योग आयोग का गठन किया जाएगा। योग की शिक्षा को शालेय स्तर पर जोड़ने से शिक्षा को रूचिकर बनाने और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संवर्धन में सहायता मिलेगी। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है।

विद्यार्थियों को विभिन्न सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षा को रूचिकर बनाने की दिशा में जारी इन प्रयासों से निजी स्कूलों की ओर जन-सामान्य का आकर्षण कम होगा। इस दिशा में जारी गतिविधियों के परिणाम शीघ्र ही प्रदेशवासियों को देखने को मिलेंगे। शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार देना है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा देने की प्रभावी पद्धति का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

सीएम शिवराज ने कहा कि केवल शालाओं में प्रवेश के लिए ही नहीं अपितु कक्षा 5वीं से 6वीं और कक्षा 8वीं से 9वीं में प्रवेश के लिए भी स्कूल चले अभियान चलाया जाए। कक्षा 6 और कक्षा 9 में ड्राप आउट की संख्या में कमी लाने के लिए यह गतिविधि आवश्यक है। सीएम शिवराज ने शिक्षा को अधिक से अधिक रूचिकर और गतिविधि केंद्रित बनाने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण, शालेय शिक्षा में आईटी के उपयोग, बच्चों के लिए त्रि-भाषा योजना के क्रियान्वयन तथा पलायन करने वाले परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा की विशेष व्यवस्था करना आवश्यक है

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सीएम शिवराज ने कहा कि विद्यार्थियों में श्रम की प्रतिष्ठा को स्थापित करने की आवश्यकता है। गत वर्षों में शिक्षा व्यवस्था ने काम करने की प्रवृत्ति और श्रम के प्रति सम्मान के भाव को कम किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय कौशल और महत्वपूर्ण व्यवसायिक शिल्प सीखने के स्पष्ट प्रावधान हैं। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में श्रम की प्रतिष्ठा और श्रम कर रहे लोगों के प्रति सम्मान का भाव जागृत करने में मदद मिलेगी। इस दिशा में टास्क फोर्स को गंभीरता से कार्य करना होगा।

स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें राज्य पाठ्यचर्या के लिए 4 फ्रेमवर्क समूह और स्टेट केरीकुलम फ्रेमवर्क के विकास के लिए राज्य स्तर पर 25 फोकस ग्रुप गठित किए गए हैं। टास्क फोर्स में 24 अशासकीय सदस्य तथा 26 शासकीय सदस्य हैं।