उपचुनाव से पहले इस गांव में लगे पोस्टर, ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के प्रवेश पर लगाई रोक

खण्डवा लोकसभा में उपचुनाव के पहले जनता की नाराजगी जनप्रतिनिधियों के लिए महंगी साबित हो रही है।

देवास/बागली, सोमेश उपाध्याय। खण्डवा लोकसभा (Khandwa Loksabha) की बागली विधानसभा (Bagli Assembly) के ग्राम पँचायत नयापुरा में जनप्रतिनिधियों से नाराज किसानों ने उपचुनाव (by-election) में मतदान के बहिष्कार के साथ जनप्रतिनिधियों के गाँव मे प्रवेश पर भी पाबन्दी लगा दी है। ग्रामीणों ने बाकायदा मशाल रैली लगा कर गाँव के बाहर पोस्टर लगा कर अपनी माँगे पूरी न होने तक जनप्रतिनिधियों का प्रवेश बन्द कर दिया है।

ऐसे झलका ग्रामीणों का दर्द

दरअसल मामला यह है कि बागली क्षेत्र के किसान लम्बे समय से खेती-किसानी के लिए नर्मदा के जल की मांग कर रहे है।यहां के किसानों के करीब 36 गांवो को सिंचाई योजना से वंचित कर दिया था, परन्तु बाद में विरोध के बाद छुटे हुए गाँवो के लिए नवीन योजना हॉटपिपल्या माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना बनाई गई।जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हॉटपिपल्या के उपचुनाव के पूर्व करि थी।

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परन्तु सीएम की घोषणा के एक वर्ष बाद भी योजना को प्रशासनिक स्वीकृति नही मिली है।इसी के चलते किसानों सहित क्षेत्रवासियों में जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध आक्रोश बढ़ते गया व लॉकडाउन के पहले धरना प्रदर्शन भी किया था।ग्रामीणों सहित गाँव की महिलाओं ने भी हाथों तख्तियां लिए सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करि।नयापुरा के साथ करनावद नगर परिषद में भी इसी तरह के पोस्टर लगा दिए गए है,वही अन्य गांवों में भी इसी प्रकार की तैयारियां की जा रही है। बरहाल खण्डवा लोकसभा में उपचुनाव के पहले जनता की नाराजगी जनप्रतिनिधियों के लिए महंगी साबित हो रही है।

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