माननीयों के स्वजनों को लेकर बड़ी तैयारी में शिवराज सरकार, प्रावधानों में किया जाएगा संशोधन

वही 100 से अधिक जनप्रतिनिधियों द्वारा इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया जा चुका है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश सरकार (Madhya pradesh) माननीयों (minister) के लिए बड़ी तैयारी में है। दरअसल विधायक (MLA) और सांसदों (MP) के लिए भोपाल में बनने वाली आवासीय कॉलोनी के रिक्त फ्लैट (vacant flat) अब उनके स्वजनों को भी दिए जाएंगे। इसके लिए योजना के प्रावधानों (provisions of plan) में संशोधन किया जाएगा। बता दें कि ऐसे जनप्रतिनिधि, जिन्होंने शासन की योजना में आवास लिए हैं। उन्हें भी फ्लैट (flat) लेने की पात्रता दी जाएगी। इसके लिए जल्द ही प्रावधान में संशोधन की तैयारी की जा रही है।

दरअसल माननीयों के लिए राजधानी में बनने वाले आवासीय कॉलोनी के रिक्त Flat विधानसभा सचिवालय (Assembly Secretariat) सहित अन्य शासकीय कर्मचारी को भी दिए जा सकेंगे। इसके लिए संशोधन किया जाएगा। यह निर्णय मंगलवार को हुई नगर आवासीय योजना की बैठक में लिया गया है। ऐसे पूर्व मंत्री और विधायक, जिनका निधन हो चुका है। उनके स्वजनों को भी पात्रता के दायरे में लाया जाएगा। इसके अलावा भी यदि फ्लैट रिक्त रहते हैं तो विधानसभा सचिवालय और शासकीय कर्मचारी द्वारा फ्लैटों को लेने के अधिकार दिए जाएंगे।

Read More: MP News: वित्तीय संकट से जूझ रही शिवराज सरकार ने केंद्र से की बड़ी मांग

इसके अलावा वैसे लोग, जिन्होंने पंजीयन (registration) कराने के बाद एक भी किस्त (installment) जमा नहीं की है। उन्हें किस्त जमा करने का अंतिम मौका दिया जाएगा। मध्य प्रदेश के 47 जनप्रतिनिधि ऐसे हैं, जिन्होंने आवासीय योजना के लिए साढ़े तीन लाख रुपए देकर पंजीयन कराया है किंतु अब तक फ्लैट के लिए एक भी किस्त जमा नहीं की है। वैसे लोगों को जल्द से जल्द किस्त जमा करनी का अंतिम मौका दिया जाएगा। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम (girish gautam) की मौजूदगी में बैठक में चर्चा की गई।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तत्कालीन और पूर्व विधायक एवं सांसदों के लिए रचना नगर में आवास योजना तैयार की गई है। इस दौरान राज्य सहकारी आवास संघ द्वारा 368 फ्लैट बनाए गए हैं। वही 100 से अधिक जनप्रतिनिधियों द्वारा इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया जा चुका है। इधर आवास संघ को करीब 38 करोड़ रुपए की अदायगी करनी है।

जिसके लिए जिन लोगों ने पंजीयन नहीं कराया है या पंजीयन कराने के बाद एक भी किस्त नहीं चुकाई है। उन्हें 15 दिन की मोहलत दी जाएगी। वही इस अवधि तक राशि जमा न करने की स्थिति में उनकी सदस्यता निरस्त कर दी जाएगी। बता दे कि कई बार मंत्रियों को आवास उपलब्ध कराने को लेकर बैठक की जा चुकी है। बावजूद इसके अब तक यह काम अधर में लटका हुआ है। बीते दिन बैठक में निर्णय लिया गया है कि जल्द ही माननीय को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।