MP के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, जल्द मिलेगा डीए का लाभ, बढ़ेगी सैलरी

उपचुनावों की घोषणा से पहले कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता ((Dearness Allowance) ) व राहत बढ़ाने की सौगात दे सकती है।

कर्मचारियों

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सरकारी कर्मचारियों (Government Employee) के लिए बड़ी खुशखबरी है।राज्य के कर्मचारियों (7th Pay Commission) को जल्द ही केंद्र के कर्मचारियों के समान मंहगाई भत्ते की सौगात मिलने वाली है।इसके लिए शिवराज सरकार कर्मचारियों-पेंशनरों का महंगाई और राहत भत्ता बढ़ाने की तैयारी में है।इससे कर्मचारियों की सैलरी में बंपर उछाल आएगा। इसके लिए वित्त विभाग ने सीएमओ कार्यालय प्रस्ताव भेजा है। इससे सरकार पर 350 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Government) उपचुनावों की घोषणा से पहले कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता ((Dearness Allowance) ) व राहत बढ़ाने की सौगात दे सकती है।इसके लिए वित्त विभाग ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुहर लगते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।

वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारियों को 12% महंगाई भत्ता (DA/DR) मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के लिए इसे बढ़ाकर 28% कर चुकी है।माना जा रहा है कि सरकार 5 प्रतिशत मंहगाई भत्ते का आदेश जारी कर सकती है।इस फैसले से शिवराज सरकार पर 350 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा और 7 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा, हालांकि इस बीच कर्मचारियों को वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जा चुका है।सरकार के इस फैसले को 1 लोकसभा सीट और 3 विधानसभी सीटों पर होने वाले उपचुनाव (MP By-election) से जोड़कर देखा जा रहा है।

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दरअसल, हाल ही में केंद्र  की मोदी सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) को 17% से बढ़ाकर 28% कर दिया गया है। देश के 48 लाख 34 हजार केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख 26 हजार पेंशनर्स को 1 जुलाई 2021 से महंगाई भत्ते (DA) का लाभ मिलना शुरु होगा। वही केंद्र की तर्ज पर  राज्यों यूपी, पंजाब, बिहार, केरल, छत्तीसगढ़, हरियाणा और राजस्थान ने भी महंगाई भत्ता बढ़ाना शुरु कर दिया है, लेकिन मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh Government Employee) में लंबे समय से मामला अटका हुआ है, जिसके चलते कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ने लगी है और वे आंदोलन की राह पकड़े हुए है।