किसान आंदोलन- भारत बंद को लेकर मध्यप्रदेश में अलर्ट, धारा 144, भारी पुलिस बल तैनात

इंदौर (Indore) में धारा 144 लागू कर दी गई है,जो 2 फरवरी 2021 तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान किसी भी स्थल पर बिना अनुमति जुलूस, मौन जुलूस, रैली, सभा, आमसभा या धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।

bharat band

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कृषि बिलों (Agricultural bills) को लेकर मोदी सरकार (Modi Government) के खिलाफ किसान आंदोलन (Farmer protests) का आज 12वां दिन है। आज मंगलवार 8 दिसंबर (8th December) को किसानों द्वारा भारत बंद (Bharat Bandh) का आह्नान किया गया है।इतना ही नही कांग्रेस सहित 11 राजनैतिक दल और 10 विभिन्न ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने भी इस बंद को समर्थन दिया है, ऐसे में मध्यप्रदेश में भी इसका असर देखने को मिल सकता है, जिसके चलते सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

दरअसल, भारत बंद के आह्वान को लेकर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)  की शिवराज सरकार  (Shivraj Government)  भी अलर्ट हो गई है। सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और चप्पे चप्पे पर नजर रखी जा रही है।हालांकि आज प्रदेश में पेट्रोल पंप (Petrol Pump) ,दूध और दवा की आपूर्ति में भी कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। भोपाल , इंदौर, जबलपुर, मंदसौर, रतलाम और ग्वालियर में विशेष इंतजाम किए गए हैं।

इंदौर में धारा 144 लागू

इंदौर (Indore) में धारा 144 लागू कर दी गई है,जो 2 फरवरी 2021 तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान किसी भी स्थल पर बिना अनुमति जुलूस, मौन जुलूस, रैली, सभा, आमसभा या धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने व्यापारियों से किसानों के समर्थन में दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान और मार्केट बंद रखने की अपील की है। सुबह 11 बजे तेजाजी नगर से किसान रैली भी निकलेगी। यह विभिन्न मार्गों से होती हुई दोपहर 2 बजे राजबाड़ा पहुंचेगी। राजबाड़ा से रीगल होते हुए रैली तेजाजी नगर में समाप्त होगी।इसके अलावा कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता छावनी अनाज मंडी में धरना देंगे जिसमें पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के साथ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल मौजूद रहेंगे।

भोपाल में 2200 का पुलिस बल तैनात

वही भोपाल (Bhopal) में भी बीते कई दिनों से हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई है। खजूरी सड़क, परवालिया, मिसरोद, रातीबड़, नजीराबाद, सूखीसेवनिया जैसे शहर के सीमावर्ती थानों पुलिस बल बढ़ा दिया है। भारी वाहनों को चेकिंग के बाद ही शहर में प्रवेश दिया जाएगा। रिजर्व पुलिस बल और थानास्तर का बल मिलाकर करीब 2200 का पुलिस बल तैनात रहेगा। एसएएफ और आरएएफ का पुलिस बल भी तैनात रहेगा। भोपाल के सीमावर्ती थानों जिनमें ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल रहेगा वहां अधिक निगरानी रहेगी। पुलिस ने शहर में 110 चेकिंग प्वाइंट बनाए हैं। 10 पेट्रोलिंग पार्टिंयां पूरे शहर में लगातार भ्रमण करती रहेंगी और अधिकारियों को रिपोर्ट देंगी। वही जबरन बंद कराने की कोशिश कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।इसी तरह पिछले किसान आंदोलन को देखते हुए मंदसौर , नीमच और रतलाम भी सख्ती की गई है।

कांग्रेस सभी जिला मुख्यालयों पर करेगी प्रदर्शन

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath)और दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने व्यापारियों और आम जनता से किसानों के समर्थन में आयोजित होने वाले भारत बंद (Bharat Bandh) में साथ देने की अपील की है। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस 8 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों प्रदर्शन करेगी और किसानों के समर्थन में ज्ञापन देगी ।इसको लेकर सरकार अलर्ट है। राजनेताओं के साथ साथ किसान नेताओं पर भी नजर रखी जा रही है।

सुबह से ही दिखने लगा है असर
किसान संगठनों ने 11 बजे से बंद का ऐलान किया है, 3 बजे तक चक्काजाम किया जाएगा। इस दौरान एंबुलेंस और शादी से जुड़े वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहनों की आवाजाही के साथ साथ सब्जी, फल और दूध जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति भी बंद रहेगी। वही किसानों ने किसी भी राजनेता को मंच पर आने से साफ मना कर दिया है।बावजूद इसके राजनैतिक दल सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे है। देश के अलग अलग हिस्सों से प्रदर्शन की तस्वीरे सामने आ रही है। महाराष्ट्र में ट्रेन रोकी गई है तो आंध्र प्रदेश और ओडिशा में सड़कों पर उतरकर लोग प्रदर्शन कर रहे है।बीजेपी शासित प्रदेशों की अपेक्षा कांग्रेस शासित राज्यों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है।