पूर्व मंत्री गोविंद सिंह का बड़ा बयान–“मैं आज भी नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहा हूँ”

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने बड़ा बयान दिया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने ग्वालियर में कहा कि मैं आज भी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहा हूँ। कमलनाथ जी ने मुझे बहुत सारी जिम्मेदारी दी है वो निभा रहा हूँ।

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मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने ग्वालियर में मीडिया से बात करते हुए भिंड जिला जेल में हुए हादसे के लिए शिवराज सरकार को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि भिंड में नई जेल बनकर बहुत दिन से तैयार है लेकिन शिफ्टिंग का काम इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि निर्माण एजेंसी से बीजेपी के लोग और अधिकारी 10 से 15 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। इसलिए निर्माण एजेंसी जेल का काम छोड़कर भाग गई है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के जवाहर लाल नेहरू को महंगाई के लिए दोषी ठहराने वाले बयान पर गोविंद सिंह ने कहा कि मुझे विश्वास सारंग की मानसिकता पर दया आती है। जो व्यक्ति 60 साल पहले चला गया, उसके लिए इस तरह का बयान देना उनकी मानसिकता को जाहिर करता है। देश मे जब सुई भी नही बनती थी तब वह देश में टेक्नोलॉजी लेकर आये थे।

विधानसभा के आगामी सत्र से जुड़े सवाल पर पूर्व मंत्री ने कहा कि सदन से भागना भयभीत रहना बीजेपी का चरित्र बन गया है। चार दिन के सत्र से क्या होने वाला है, एक दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि में निकल जायेगा, एक दिन भाषण में, शेष दो दिनों में क्या चर्चा हो सकेगी। सरकार कोरोना, भ्रष्टाचार पर वह चर्चा नहीं होने देना चाहती। गोविंद सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह का कार्यकाल काले इतिहास के रूप में लिखा जा रहा है। यह प्रजातंत्र के विरोधी हैं इनका बस चले तो यह चुनाव भी ना होने दें।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने के सवाल पर डॉ गोविंद सिंह ने कहा कि मैं एक साधारण कार्यकर्ता की तरह हूँ पार्टी जो जिम्मेदारी देगी वो निभाऊँगा। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि आज भी मैं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहा हूं। कमलनाथ जी ने मुझे बहुत सारी जिम्मेदारी दी है, मजबूती से कांग्रेस का पक्ष सदन में रखता हूँ। वहीं आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर उठ रही संभावनाओं पर डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि यह सब पार्टी की नीति के अनुसार है, हम भी पार्टी के सिद्धांत के अनुरूप चलेंगे। हमारी इच्छा व्यक्त करने से होगा भी क्या, जो पार्टी की नीति बनेगी हम उसका ही समर्थन करेंगे।