MP उपचुनाव : कांग्रेस से इस्तीफे के बाद सामने आया राहुल सिंह लोधी का बयान

राहुल ने कहा कि मैंने अपनी इच्छा से इस्तीफ़ा दिया है। कांग्रेस में विचारधारा ख़त्म हो गई है, राष्ट्रीय अध्यक्ष कुछ बोलते हैं प्रदेश अध्यक्ष कुछ बोलते हैं।

भोपाल , डेस्क रिपोर्ट। चुनावी हलचल के बीच कांग्रेस (Congress) से इस्तीफा देने और बीजेपी में शामिल होने के बाद राहुल सिंह लोधी (Rahul Singh Lodhi) का बड़ा बयान सामने आया है। राहुल ने कहा कि मैंने अपनी इच्छा से इस्तीफ़ा दिया है। कांग्रेस में विचारधारा ख़त्म हो गई है, राष्ट्रीय अध्यक्ष कुछ बोलते हैं प्रदेश अध्यक्ष कुछ बोलते हैं।

राहुल (Rahul Lodhi) ने कहा कि उन्हें भी कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल होने के लिए पैसों का लालच दिया गया था, लेकिन आत्मसम्मान के खातिर वो गए नहीं और अब उन्हें लगता है कि वे बीजेपी में रहकर बेहतर तरीके से जनता की भलाई कर सकेंगे, इसलिए उन्होंने कांग्रेस छोड़ बीजेपी की सदस्यता ले ली है। उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद उन्होंने सबसे पहला वचन दमोह (Damoh) में मेडिकल कॉलेज (Medical College) खोले जाने का दिया था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने 15 महीने में कुछ नहीं किया। विकास की तो बात ही नहीं की गई। वह तब भी अडिग थे और आज भी हैं। प्रलोभन की बात नहीं है। छह महीने में भाजपा सरकार ने जिस तरह से विकास किया है, हर योजना में लाभ हो रहा है उसी को देखते हुए वह भाजपा में शामिल हुए हैं।

इंकार के बाद इस्तीफा देकर सबको चौंकाया

दरअसल, लोधी से पहले उनके बड़े भाई प्रद्युम्न सिंह लोधी (Pradyuman Singh Lodhi) ने बड़ा मलहरा के विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था और अब वे बड़ा मलहरा से भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ रहे हैं, उस समय राहुल लोधी के भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज थी,लेकिन उन्होंने साफ कह दिया था कि मैं कांग्रेस छोड़कर भाजपा में नहीं जाऊंगा, उनकी आत्मा कांग्रेस (Congress) में बसती है। साल 2003 में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) दमोह आए थे, उसी समय उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा था और वह तब से लेकर अब तक कांग्रेस के ही साथ हैं। कांग्रेस ने ही उन्हें दमोह विधानसभा (Damoh Assembly) में अपना प्रत्याशी बनाया और उन्होंने BJP के गढ़ में सेंध लगाते हुए यह सीट भाजपा से छीन कर कांग्रेस के पाले में डाली थी। राहुल सिंह लोधी ने कहा था कि उनको कांग्रेस पार्टी ने विधायक बनाया है और वे हमेशा कांग्रेस के साथ ही रहेंगे, लेकिन उपचुनाव से एक हफ्ते पहले उन्होंने इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है।

बीजेपी पर लगाए थे खरीद-फरोख्त के आरोप

हैरानी की बात तो ये है कि बीते महिनों ही राहुल सिंह ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए थे। राहुल ने कहा था कि परिस्थितियां कैसी भी आ जाएं लेकिन वह किसी भी हालात में कांग्रेस (Congress) का हाथ नहीं छोड़ेंगे। वही उन्होंने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था। राहुल सिंह ने खुलासा करते हुए कहा कि मेरे कांग्रेस से जाने का तो सवाल ही नहीं उठता। मेरे पास पहले भी कई बार ऑफर आया है, लेकिन मैं नहीं गया। कांग्रेस मुझे राजनीति में लाई है, इसलिए मैं कांग्रेस के साथ हूं। संघर्ष की लड़ाई सभी जगह होती है। असली राजनेता वह है जो इन समस्याओं से लड़ता रहे और जनता की सेवा करता रहे, इसलिए उनके सामने कै सी भी परिस्थिति आ जाए, वे कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ेंगे ।

दो दिन पहले ही दे चुके थे इस्तीफा -रामेश्वर शर्मा

वही प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा (Rameshwar Sharma) ने कहा कि दो दिन पहले ही राहुल लोधी मुझसे मिले थे और इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन मैंने उन्हें दो दिन का समय दिया था, ताकि विधायकी छोड़ने के पहले वे अच्छे से सोच-विचार कर लें। दो दिन बाद भी उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला, लेकिन आज फिर उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया है, जिसे मेरे द्वारा स्वीकार कर लिया गया है।