shivraj sarkar

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। केन्द्र सरकार (Central Government की तर्ज पर शिवराज सरकार (Shivraj Government) द्वारा स्टाक लिमिट तय किए जाने के बाद प्याज (Onion) की कीमतों में कमी आई है, जिसके चलते आम जनता को तो बड़ी राहत मिल गई है, लेकिन किसानों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है, इसी बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) का बड़ा बयान सामने आया है।

सीएम शिवराज ने कहा है कि  मंडियों में प्याज की कीमत कम होना शुरु हुई है, परन्तु हमारे किसान भाई चिंतित न हों। उन्हें प्याज के पूरे दाम मिलेंगे। इसी के साथ यह भी ध्यान रखा जाएगा कि प्याज के थोक व खुदरा मूल्य (Wholesale And Retail Price) में अधिक अंतर न आए और उपभोक्ताओं को भी सही कीमत पर प्याज मिल सके। गड़बड़ करने वाले बिचौलियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

वही मुख्यमंत्री ने ट्वीट (Tweet) करके भी कहा है कि मध्यप्रदेश में कुछ दिनों से प्याज की कीमतें कम होनी शुरू हो गई हैं। रिटेल और थोक के बड़े अंतर के बीच कुछ लोग बड़ा मुनाफा कमाते हैं। इन पर नजर रखी जायेगी। हमारी कोशिश है कि किसानों (Farmers) को उसके परिश्रम का पूरा दाम और उपभोक्ताओं को भी उचित मूल्य (Fair Price) पर प्याज मिले।

बता दे कि मध्यप्रदेश में प्याज की पैदावार 40 लाख टन के पार है, जो खपत की तुलना में तीन गुना तक अधिक है, बावजूद इसके बीते दिनों प्याज 80 रु. किलो बिक रही थी लेकिन स्टॉक लिमिट तय किए जाने के बाद कीमतों में गिरावट आई है और दाम 40-50 के बीच हो गए है।

गौरतलब है कि  अब केन्द्र सरकार की तर्ज पर ही राज्य सरकार ने भी स्टाक लिमिट तय कर दी है। अब कोई भी व्यापारी तय सीमा से ज्यादा प्याज को जमा नहीं कर सकेगा। सरकार का यह आदेश 31 दिसंबर 2020 तक प्रभावी रहेगा।प्याज व्यापारियों को रजिस्टर में हर दिन के स्टाक का ब्यौरा रखना होगा। व्यापारियों को स्टाक का पाक्षिक रिटर्न सरकार को देना होगा और यह बताना होगा कि उसके पास अब तक कितना प्याज आया, कितना बेचा जा चुका है और कितना अभी स्टॉक में उपलब्ध है। जांच के दौरान में स्टॉक में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर उस पर तुरंत कार्यवाई की जाएगी।