भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। अपने बयानों और एजेंडे को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहने वाले बीजेपी विधायक नारायण प्रसाद त्रिपाठी ने अब अपनी ही सरकार खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। बिजली की समस्या को लेकर अब उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि समस्या नहीं सुलझी तो वे आंदोलन करेंगे।

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अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर हुए बीजेपी विधायक, आंदोलन की चेतावनी

कभी विध्य प्रदेश को लेकर, तो कभी कोरोना के कारण व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर, कभी छात्रों, बेरोजगारों और कभी किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार अपनी सरकार को चेताते रहे बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी इस बार बिजली विभाग के खिलाफ मैदान में हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक को पत्र लिखा है जिसमें विंध्य क्षेत्र के रीवा-शहडोल में बदहाल विद्युत व्यवस्था की बात की गई है। पत्र में नारायण त्रिपाठी ने लिखा है कि क्षेत्रीय किसान खरीफ फसलों की बोनी और रोपा लगाने का काम कर रहे हैं। इन कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति की आवश्यकता है लेकिन लंबे समय से विंध्य क्षेत्र के रीवा-शहडोल जोन में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है। इतना ही नहीं अघोषित बिजली कटौती से किसान और आमजन बुरी तरह परेशान हैं। जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने के लिए ट्रांसफार्मर का भारी अभाव है। मेंटेनेंस के लिए बिजली के खंभे व केबल और तार की आपूर्ति नहीं है। ऐसे में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है।

त्रिपाठी ने पत्र में लिखा है कि किसानों को सिंचाई के लिए मात्र दो घंटे बिजली मिल पा रही है। ऐसे में उनकी बोनी प्रभावित हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए कंपनी ने अभी तक कोई गंभीर कदम नहीं उठाए हैं जिससे किसान व आमजन अत्यंत आक्रोशित हैं। उन्होने चेतावनी दी है कि इस व्यवस्था में सुधार न होने पर वे 19 जुलाई 2021 को कंपनी के जबलपुर मुख्यालय में ज्ञापन देंगे और इसी दिन विंध्य क्षेत्र के सभी बिजली कार्यालयों में किसान व आम जनों द्वारा अपनी समस्या व मांगों को लेकर ज्ञापन दिए जाएंगे। इसके बाद भी कंपनी सुधारात्मक कदम नहीं उठाएगी तो व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। त्रिपाठी के इस पत्र ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है और पूरे प्रदेश में सुचारू विद्युत आपूर्ति की बात करने के सरकार के दावे पर खुद बीजेपी विधायक ने ही प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।