अचानक बिगड़ी ब्लैक फंगस के मरीजों की तबियत, इंजेक्शन पर लगी रोक

मेडिकल कॉलेज जबलपुर में करीब 50 से 60 मरीजों को ब्लैक फंगस का इंजेक्शन लगाया गया था, जिसके कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। फिलहाल इंजेक्शन रोक लगा दी गई है।

जबलपुर, संदीप कुमार। इंदौर और सागर के बाद अब नेताजी सुभाष चंद्र मेडिकल कॉलेज जबलपुर (Netaji Subhash Chandra Medical College Jabalpur) में भी ब्लैक फंगस (Black Fungus) से पीड़ित मरीजों की तबियत बिगड़ने लगी है। ब्लैक फंगस के मरीज मछली की तरह अचनाक ही तड़पने लगे, मरीजों को जोरदार ठंड लगने लगी, परिजन भी हैरान हो गए, देखते-देखते ही मेडिकल अस्पताल में परिजनों ने जमकर हंगामा मचा दिया।

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जानकारी के अनुसार मेडिकल के वार्ड क्रमांक 5 और 20 में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीज रविवार की शाम ठंड से कांपने लगे। पहले तो कुछ मरीज ही कांप रहे थे लेकिन धीरे-धीरे वार्डों में भर्ती सारे मरीजों पर कंपन शुरू हो गई। इसकी जानकारी जब मेडिकल डॉक्टरों को लगी तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मौके पर अधीक्षक राजेश तिवारी सहित अन्य बड़े अधिकारी भी पहुंच गए। इस दौरान पता चला कि मरीजों की तबीयत खराब होने का कारण ब्लैक फंगस का गलत इंजेक्शन लगना है, जितने मरीजों को इंजेक्शन लगाए गए थे उनके शरीर में अचानक ही कंपन शुरू हो गई और कंपन इतनी तेज थी कि कंबल ओढ़ाने के बाद भी मरीज कांप रहा था।

इंजेक्शन पर लगी रोक

जानकारी के मुताबिक इससे पहले जो इंजेक्शन शासन द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा था वह काफी मंहगा था। मरीजों के शरीर में 50 एमएल पहुंचने के बाद ही इंजेक्शन का साइड इफेक्ट दिखने लगा था। इंजेक्शन का लॉट बदले जाने से यहां मिले इंजेक्शनों की अब जांच की जाएगी। लेकिन मेडिकल प्रबंधन ने सबसे पहले इन इंजेक्शनों पर रोक लगा दी है।

दूसरे ब्रांड के इंजेक्शन लगने के बाद बिगड़ी तबियत

बताया जा रहा है कि अभी तक जो एंटी फंगल इंजेक्शन लगाया जा रहा था उससे मरीज को कोई परेशानी नहीं हो रही थी। लेकिन रविवार को दूसरे ब्रांड का इंजेक्शन मेडिकल को शासन द्वारा उपलब्ध कराया गया था, यहां ड्रिप के माध्यम से जैसे ही इंजेक्शन मरीजों के शरीर में पहुंचा, वैसे ही मरीजों की हालत बिगड़ने लगी।