4 मई को मुख्यमंत्री देंगे संबल योजना के हितग्राहियों को तोहफा, 379 करोड़ करेंगे ट्रांसफर

मुख्यमंत्री जन-कल्याण संबल योजना 2018 में शुरू की गई थी। इसमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के जरूरतमंद परिवारों को बच्चे के जन्म के पहले से लेकर पूरे जीवनकाल में मदद दी जाती है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के असंगठित श्रमिक परिवारों के लिए राहत भरी खबर है।4 मई मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) को जन-कल्याण संबल योजना में लगभग 17 हजार असंगठित श्रमिक परिवारों के बैंक खाते में 379 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित (Transfer) करेंगे।खास बात ये है कि इस वर्चुअल कार्यक्रम में सहायता राशि वितरण के  श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

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दरअसल, संबल योजना प्रदेश के श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ परिवारों को आधार प्रदान करने वाली योजना है। इस योजना के अन्तर्गत श्रम विभाग (Labour Department) द्वारा श्रमिकों की दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रूपये की राशि उनके आश्रितों को प्रदान की जाती है। इसी तरह सामान्य मृत्यु तथा स्थायी अपंगता पर श्रमिक परिवारों को दो-दो लाख रूपये की अनुग्रह राशि मुख्यमंत्री जन-कल्याण संबल योजना में दी जाती है। योजना में आंशिक स्थायी अपंगता पर एक लाख रूपये उपलब्ध कराने और अन्त्येष्ठि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये दिये जाने का प्रावधान भी हैं।

बता दे कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण संबल योजना (Mukhyamantri Jan Kalyan Sambal Yojana) असंगठित क्षेत्र के गरीब श्रमिक परिवारों के लिए संबल प्रदान करने का कार्य कर रही है। योजना प्रारंभ होने से अब तक प्रदेश के 2 लाख 28 हजार हितग्राहियों को 1907 करोड़ रूपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। पिछले वित्तीय वर्ष में कोरोना महामारी जैसी विषम परिस्थितियों में भी 72 हजार से अधिक हितग्राहियों के बैंक खाते में 582 करोड़ रूपये हितलाभ वितरित किये गये थे।

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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण संबल योजना 2018 में शुरू की गई थी। इसमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के जरूरतमंद परिवारों को बच्चे के जन्म के पहले से लेकर पूरे जीवनकाल में मदद दी जाती है। इसमें हाथ ठेला चलाने वाले लोगों से लेकर कबाड़ इकट्ठा करने वाले गरीबों, घरों में काम करने वालों, पत्थर तोड़ने वालों को मदद मिलती है। प्रदेश के ऐसे लाखों गरीब परिवारों के लिये संबल योजना सहारा बनी है।