MP : ड्रोन नीति पर सीएम शिवराज के निर्देश- IT निवेश नीति पर हो कठोर अमल, शुरू करें प्रशिक्षण कार्यक्रम

CM शिवराज ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्तावित आईटी निवेश ने नीति 2022 की कार्यशैली को बढ़ावा दिया जाए।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश (MP) में ड्रोन तकनीक (Drone Technique) को लेकर कार्यशैली शुरू कर दी गई है। उनकी उपयोगिता साबित कर अन्य क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक को उपयोगी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी बीच समीक्षा बैठक के दौरान सीएम शिवराज (CM Shivraj) ने प्रदेश में ड्रोन तकनीक का उपयोग प्रारंभ करने और इसको अन्य क्षेत्र में उपयोगी बताने के साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही साथ सीएम शिवराज ने सूचना प्रौद्योगिकी प्रयोग को बढ़ावा देते हुए प्रशासन की जवाबदेही के साथ IT निवेश नियम 2022 के ठोस कदम पर फोकस करने के भी निर्देश दिए हैं। सीएम शिवराज ने कहा कि सिंगल सिटीजन डेटाबेस में विभागों के हितग्राही योजना को एकत्रित करने का कार्य पूरा किया जाए। साथ ही आधिक लोग को इसका लाभ मिल सके, यह भी सुनिश्चित किया जाए। नेटवर्कविहीन ग्रामीण पंचायत में नेटवर्क टावर लगाने के साथ ही कार्यशैली को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम शिवराज ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश से आत्मनिर्भर भारत की योजना से निकला है। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश में लोक सेवाओं के आवश्यक दस्तावेज का डिजिटल सत्यापन करना, इंटेलिजेंस चैट के साथ ही सेवा प्रदाय के लिए निर्णय लेने की प्रणाली विकसित करने सहित नवीन प्रौद्योगिकी जैसे ड्रोन मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉक के लिए यूज केसेज सुरक्षित करने के कार्यों को भी शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित करने के क्षेत्र में प्रयास किया जाना चाहिए।

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CM शिवराज ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्तावित आईटी निवेश नीति 2022 (IT Investment Policy 2022) की कार्यशैली को बढ़ावा दिया जाए। ड्रोन नीति का भी इस्तेमाल किया जाए। साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम, स्टार्टअप को भी प्रोत्साहन में शामिल किया जाए। सीएम शिवराज ने कहा कि ड्रोन तकनीक आज की जरूरत है और इस पर अधिकाधिक उपयोग पर चर्चा की जा रही है। साथ ही आंतरिक सुरक्षा राजस्व कार्यो में भी यह उपयोगी सिद्ध हो सकता है। यह रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इसलिए मध्य प्रदेश में मैप कोस्ट को ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र के साथ जोड़ने का प्रयास किया जाए।

वहीँ समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) ने विज्ञान केन्द्र की स्थापना सहित साइंस सिटी, तारामंडल, विज्ञान संग्रहालय, विज्ञान नवाचार केन्द्र, अंतरिक विज्ञान अनुसंधान केन्द्र और विश्वविद्यालय प्रकोष्ठ के माध्यम से वैज्ञानिक कार्यक्रम संचालित किए हैं। इसके अलावा विज्ञान पार्क की स्थापना भी की गई है।इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एरोनॉटिकल लिमिटेड बैंगलोर ने नए तकनीक के सात स्वच्छ वायु वेंटीलेटर भोपाल सहित विदिशा, सीहोर और नीमच के जिला चिकित्सालयों के लिए दिए गए हैं।

वहीँ छात्रों को इसकी महत्त्ता बताने आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत वेबिनार श्रृंखला आयोजित की गई। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, अनुसंधान और उद्यम को प्रोत्साहन देने के लिए विज्ञान मंथन यात्रा निकाली गई। साथ ही में उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र स्थापित किया जा रहा है। अमृत आधारित विकास योजना में प्रदेश के 50 हजार आबादी वाले 26 नगरों में कार्य किए जा रहे हैं।