बाढ़ के हालात पर सीएम शिवराज ने प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति से की बात, आज शाम कैबिनेट की अहम बैठक

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। उत्तरी मध्यप्रदेश में अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू और व्यवस्थाएं बहाल करने का काम जारी है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आज शाम कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है। इस वर्चुअल बैठक में स्थिति का जायजा लिया जाएगा और राहत बचाव कार्य पर चर्चा की जाएगी।

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री के मुंह से सुनिये रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी कहानी

सीएम ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से फोन पर बात कर मध्यप्रदेश में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होने श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, भिंड और मुरैना ज़िले के बाढ़ प्रभावित इलाकों के बारे में अवगत कराया की। प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि इस कठिन परिस्थिति में केंद्र सरकार मध्यप्रदेश के बाढ़ पीड़ितों के साथ है और प्रदेश को केंद्र द्वारा हर संभव मदद उपलब्ध कराई जायेगी। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मध्यप्रदेश को हरसंभव मदद का भरोसा देते हुए केंद्र की एक एडवांस टीम, क्षति आकलन हेतु मध्यप्रदेश भेजने की बात कही है।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने श्योपुर में मुरैना के रास्ते से आवश्यक व्यवस्थाओं की आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। राहत कैम्प 24X7 चल रहे हैं वहीं श्योपुर में ज्यादातर स्थानों पर बिजली आपूर्ति बहाल हो चुकी है। खाद्य पदार्थों का ट्रक श्योपुर के लिए रवाना हो चुका है। हैंडपम्प के क्लोरीनेशन का काम शुक्रवार से शुरू होगा। ग्वालियर से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में खाद्य सामाग्री फूड पैकेट भेजने शुरू कर दिए गए हैं। इस राहत बचाव कार्य में ग्वालियर मुरैना से लगातार सहयोग मिल रहा है। मंत्री तुलसी सिलावट ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि ग्वालियर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार फूड पैकेट पहुंचाए जाएंगे। मध्यप्रदेश में बाढ़ से उत्पन्न परिस्थिति से निपटने तथा राहत एवं बचाव कार्य में NDRHFQ, ADG PI, IAF_MCC, BSF के जवान दिन-रात रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों व अधिकारियों से कहा है कि बारिश के मौसम में प्रभावितों को वैकल्पिक छत मुहैया कराएं तथ पीने के शुद्ध पानी के लिए युध्द स्तर पर जुटें। बिजली रिस्टोर प्राथमिकता है। उन्होने कहा कि नुकसान व्यापक हुआ है, केवी स्टेशन खराब हो गए हैं, खंबे टूटे हुए हैं लेकिन बिजली की व्यवस्था जल्द से जल्द हो इसके लिए बिजली विभाग का अतिरिक्त स्टाफ अन्य जिलों से भेजा जा रहा है। इसी के साथ क्षति का व्यापक स्तर पर आकलन किया जाएगा।