इंदौर, आकाध धोलपुरे। इंदौर में आधे दिन के बंद के कई रंग देखने को मिले। कहीं कांग्रेस की गांधीगिरी दिखी तो कहीं पर कांग्रेस ने क्रिकेट खेलकर महंगाई (inflation) के शतक के मायने समझाये। इतना ही नहीं, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (jitu patwari) सायकिल पर सवार नजर आए और बाजार बंद करने का आह्वान करते दिखे। सभी का एक ही लक्ष्य था कि बंद को सफल बनायें और प्रदेश सहित केंद्र सरकार को महंगाई के मुद्दे पर घेरकर आम जनता का समर्थन हासिल करें।

कांग्रेस ने क्रिकेट खेलकर बताया महंगाई के शतक का अर्थ

पेट्रोल डीजल और गैस की मूल्य वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस के प्रदेशव्यापी आधे दिन के बंद के दौरान कांग्रेसियों ने इंदौर के रीगल तिराहे पर अनूठा प्रदर्शन किया। रीगल पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंप पर जाकर क्रिकेट (cricket) खेला और पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों पर विरोध जताया। मूल्य वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेसियों ने एक कार्यकर्ता को डमी पीएम भी बनाया। कांग्रेसियों का कहना है कि पेट्रोल पेट्रोल की कीमत 100 रुपए को पार कर गई है, वहीं डीजल के दाम भी 85 रुपये तक पहुंच गए हैं। पेट्रोल डीजल महंगा होने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। जरूरत की हर वस्तु महंगी हो रही है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव विवेक खंडेलवाल ने दावा किया कि उनके आधे दिन के बंद के आह्वान को शहर के कई व्यापारी एसोसिएशनों का भी समर्थन मिल रहा है। अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स ने भी बंद को समर्थन देते हुए दोपहर 2 बजे तक अपने दुकान संस्थान और प्रतिष्ठानों को बंद रखा। वही सारे पेट्रोल पंप भी सुबह 9 से 12 बजे तक बंद रहे।

ये भी देखिये- तांगे पर बैठकर निकले, रैली में हाथ जोड़कर बंद की अपील करते दिखे कांग्रेसी

पूर्व मंत्री ने चलाई साईकिल

इधर, मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी भी अपनी सायकिल पर सवार होकर शहर के प्रमुख बाजारों में बंद की स्थिति देखने पहुंचे। इस दौरान उनके पीछे वाहनों पर सवार कार्यकर्ता भी नजर आए। वहीं पुलिस ने भी पूर्व मंत्री का पीछा नही छोड़ा। जीतू पटवारी ने सायकिल चलाकर महंगाई पर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान जीतू पटवारी ने मीडिया से कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि बहुत हुई महंगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार, मोदी जी ने कहा था पेट्रोल डीजल 30 रुपए में चाहिए या नही, गैस की टंकी 200 रुपए में चाहिए या नही लेकिन नतीजा ये हुआ कि 60 साल में जितनी महंगाई नही बढ़ी उतनी महंगाई 7 साल में बढ़ गई है।