मप्र में 7 मई तक सख्ती, सीएम शिवराज सिंह बोले- कर्फ्यू का कड़ाई से पालन कराएं

संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में माइक्रो कन्टेनमेंट क्षेत्र घोषित कर संक्रमण को वहीं रोक दें। सर्वे में संभावित मरीजों को तत्काल मेडिकल किट एवं सावधानी संबंधी ब्रोशर उपलब्ध करावाकर होम आईसोलेट कराये।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में अब 7 मई तक कोरोना कर्फ्यू (Corona Curfew) लागू रहेगा। सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने कहा कि 7 मई तक कोरोना कर्फ्यू का कड़ाई से पालन करायें। प्रदेश के कुछ जिलों में नए पॉजिटिव केस निरंतर बढ़ रहे हैं। प्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में इन केसों में निरंतर वृद्धि हो रही है। संक्रमण की चेन तोड़ने में सबसे ज्यादा कारगर उपाय कोरोना कर्फ्यू है। जनता को प्रेरित कर इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। जनता कर्फ्यू कोई लॉकडाउन (Lockdown) नहीं है, जनता द्वारा स्वयं संक्रमण से सुरक्षा के लिए लिया गया निर्णय है।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे खुशी है प्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत ग्राम पंचायतें, अपने गाँवों में कोरोना कर्फ्यू लगाने का स्वयं संकल्प ले चुकी हैं। ​कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने से ही कोरोना पर विजय पाई जा सकती है। प्रदेश एक्टिव केसेस में देश में 7 वें नंबर से बेहतर स्थिति में होकर 11 वें नंबर पर आ गया है। परंतु कोरोना का स्वरूप कब क्या रूप ले ले इसलिए हमें संभलकर चलना होगा।

दरअसल, आज सीएम शिवराज सिंह चौहान कोरोना नियंत्रण के संबंध में कोविड प्रभारी मंत्रियों, कमिश्नर, कलेक्टर्स, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक एवं जिले में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों से वर्चुअली चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी जिलों में ऑक्सीजन और इंजेक्शन का आवश्यकतानुसार वितरण किया जा सके।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिलों के जिन क्षेत्रों में संक्रमण दर अधिक है वहाँ किल कोरोना अभियान-2 चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत रीवा, सीहोर, सतना, रायसेन, दतिया, अनूपपुर, नीमच, शिवपुरी, नरसिंहपुर और श्योपुर आदि जिले हैं। संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में माइक्रो कन्टेनमेंट क्षेत्र घोषित कर संक्रमण को वहीं रोक दें। सर्वे में संभावित मरीजों को तत्काल मेडिकल किट एवं सावधानी संबंधी ब्रोशर उपलब्ध करावाकर होम आईसोलेट कराये।

सभी संभाग में बनेगा बड़ा ऑक्सीजन प्लाँट

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रत्येक संभाग में अधिकतम 6 माह में एक-एक बड़ा ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जाये। उसके लिए स्थान सुनिश्चित करें। पीथमपुर में पुराने गैस प्लांट को सुधारा गया है, जिससे 30 से 32 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्राप्त होगी। मालनपुर में भी ऐसे ही प्रयास किये गये हैं। बीना रिफायनरी में ऑक्सीजन तो है परंतु उसे टैंकर में नहीं भरा जा सकता है अत: वहीं पर हॉस्पिटल निर्माण काराया जा रहा है। ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए हम रेल, सड़क और वायु मार्ग से जरूरी ऑक्सीजन प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही भारत सरकार के साथ समन्वय कर आपूर्ति के प्रयास जारी हैं।

माइक्रो प्लानिंग कर बनाएं माइक्रो कन्टेन्मेंट एरिया

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में आज तक 69 हजार मरीज होम आईसोलेटेड हैं। होम क्वारेन्टाइन एवं कोविड केयर सेंटर में मरीजों की देखभाल के लिए उनसे सतत संवाद रखें। जिन क्षेत्रों में संक्रमण केस अधिक आ रहे हैं, वहाँ माइक्रो प्लानिंग कर माइक्रो कन्टेन्मेंट एरिया बनायें। नए केस नहीं बढ़ने देना है, जहाँ कोरोना हो वहीं उसे खतम करें।रेमडेसिविर इंजेक्शन के उपयोग के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन कराये। अनावश्यक रूप से इंजेक्शन की माँग पर अंकुश लगायें। इंजेक्शन उसे मिले जिसे जरूरत हो और उतना जितनी आवश्यकता हो। सप्लाई एवं वितरण की अनावश्यक प्रतिस्पर्धा की प्रवृति जिले नहीं रखें। जितनी आवश्यकता हो उतना ही माँग रखें।

रणनीति और लक्ष्य

  • सभी मरीजों की सेम्पलिंग, टेस्टिंग और 24 घंटे में रिपोर्ट।
  • होम आइसोलेशन की नियमित मॉनिटरिंग।
  • कोविड केयर सेंटर की स्थापना और संचालन।
  • अस्पतालों में बेड्स, ऑक्सीजन, इंजेक्शन और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता।
  • अधिक से अधिक लोगों का कोविड टीकाकरण।
  • कोरोना कर्फ्यू का कड़ाई से पालन।
  • रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के उपाय।
  • जन-जागरूकता, किल कोरोना अभियान
  • किसी भी कीमत पर संक्रमण की चेन तोड़ना।
  • जिलों में पॉजिटिवटी दर को तेजी से घटाना।
  • जहाँ-जहाँ संक्रमण अधिक है, वहाँ माइक्रो कन्टेनमेंट एरिया बनाना।
  • होम आइसोलेशन और कोविड केयर सेंटर में ही लोगों को स्वस्थ करना।
  • कोरोना कर्फ्यू में सख्ती बढ़ाकर लोगों का अनावश्यक मूवमेंट बंद करना।
  • किल कोरोना अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन कर हर संभावित मरीज की पहचान।
  • अस्पताल में बेड्स, ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • नागरिकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि।