भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pardesh) के कई सरकारी अफसरों पर गाज गिर सकती है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं को लूट का जरिया बनाने वाले इन अफसरों के खिलाफ घोटाले की जांच पूरी कर ली गई है। वही जांच रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए हैं वह चौंकाने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendar Modi) की महत्वाकांक्षी योजनाओं का अफसरों ने मिट्टी पलीत कर दिया है। वही हैरान करने वाली बात यह है कि जहां कागजों में काम को पूरा कर दिया गया है। वहीं करीब कई गांव ऐसे हैं, जो अभी भी बिजली के इंतजार में है।

दरअसल मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर और बाबू द्वारा प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना (Prime Minister Saubhagya Yojana) में एक बड़ी लूट सामने आई है। सौभाग्य योजना के तहत प्रदेश के जबलपुर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण में अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर को छोड़ कागजों पर काम किए गए हैं। दरअसल कर्मचारियों द्वारा कागजों पर बिजली के खंभे खड़े कर गांव को रोशन बता दिया गया। हालांकि मामले की सच्चाई सामने आने के बाद जांच के निर्देश दिए गए थे। वहीं डेढ़ साल के बाद जांच पूरी कर ली गई है। जिसके बाद बिजली महकमे के अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई है।

जांच रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं वह चौंकाने वाले हैं। तथ्यों के मुताबिक एक अधिकारी कर्मचारी द्वारा करीब 42 करोड़ की आर्थिक अनियमितता सामने आई है। बिजली विभाग के 80 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों द्वारा मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण के सिंगरौली, सीधी, डिंडोरी, मंडला, सागर और सतना में यह जांच किए गए हैं।

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वही जांच के बाद के तथ्यों की माने तो मंडला डिंडोरी जिले में 25,000 से अधिक घर ऐसे हैं, जहां अभी बिजी कनेक्शन नहीं पहुंचे हैं। हालांकि अधिकारी कर्मचारियों द्वारा सरकारी कागजों में इन घरों में बिजली के कनेक्शन दिखाए गए हैं। वहीं सौभाग्य योजना के तहत पूर्व क्षेत्र में करीबन 7 लाख 26000 घरों को रोशन बताया गया था जबकि हकीकत में महज 40 फीसद घर ही बिजली चमक रहे हैं जबकि 60 फीसद आज भी बिजली के इंतजार में है।

हालांकि डेढ़ साल के बाद छह जिलों की जांच पूरी कर ली गई है। वहीं अब तक 80 से अधिक अधिकारी कर्मचारी को दोषी पाया गया। इनके खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली गई है। जल्द इन अधिकारी कर्मचारी पर गाज गिर सकती है। सूत्रों की माने तो इन अधिकारी कर्मचारी से जल्द सरकार द्वारा गबन किए गए पैसे की रिकवरी की जा सकती है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गांव गांव में बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत देश भर के 4 करोड घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि मध्यप्रदेश में तेजी से यह काम पूरा हुआ था। जिसके बाद घोटाले की खबर आने के बाद जांच टीम गठित की गई थी। हालांकि डेढ़ साल के बाद जांच पूरी कर ली गई है और कई अहम खुलासे निकल कर सामने आए हैं। माना जा रहा है कि जांच टीम द्वारा आगे की कार्रवाई में और भी कई बड़े खुलासे किए जा सकते हैं।