दमोह की हार के बीच बीजेपी में असंतोष, पूर्व मंत्री ने ट्वीट करके पूछा सवाल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। दमोह के उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार का ठिकरा फिलहाल तो मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और उनके पुत्र पर फोड़ दिया गया है। लेकिन इसे लेकर पार्टी में भारी असंतोष है। अब प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे और वर्तमान बीजेपी विधायक अजय विश्नोई ने ट्वीट करके हार के जिम्मेदारों से सवाल पूछा है।

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दमोह विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए प्रत्याशी राहुल लोधी की करारी हार ने पार्टी को सकते में ला दिया है। पार्टी को पूरी उम्मीद थी कि वह इस सीट को बड़ी आसानी से कांग्रेस से छीन लेगी और इसके लिए खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित लगभग 20 मंत्री और संगठन के दर्जनों नेताओं ने वहां कैंप कर रखा था। बावजूद इसके बीजेपी वहां से 17000 वोटों से हार गई। ग्रामीण क्षेत्र में हार हुई तो हुई, शहरी क्षेत्रों के भी 39 में से 38 वार्डों में पार्टी को पीछे रहना पड़ा। चुनाव हारने के साथ ही राहुल लोधी ने इसकी जवाबदेही पूर्व मंत्री जयंत मलैया और उनके परिवार पर डाल दी। लोधी ने साफ कहा कि जयंत मलैया नहीं चाहते थे कि वे किसी भी स्थिति में जीते इसीलिए उन्होंने और उनके बेटे सिद्धार्थ मलैया ने जमकर भितरघात किया। सिद्धार्थ को शहर का प्रभारी बनाया गया था, लेकिन वहां से भी पार्टी बुरी तरह हारी। जवाब में मलैया ने कहा कि 17000 वोटों की हार भितरघात का परिणाम नहीं हो सकती और दरअसल पार्टी जनता के मूड को नहीं भांप पाई। दमोह उपचुनाव में हुई हार का ठिकरा पार्टी ने पांच मंडल अध्यक्षों सहित सिद्धार्थ मलैया के निलंबन के रूप में फोड़ दिया। इसके साथ ही जयंत मलैया को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है कि आखिरकार क्यों न उनके खिलाफ पार्टी कार्रवाई करें।

लेकिन इन सबके बीच पार्टी के कद्दावर नेता और विधायक अजय विश्नोई ने एक ट्वीट किया है और पूछा है कि क्या टिकिट बांटने वाले और चुनाव के प्रभारी भी इस हार की जिम्मेदारी लेंगे? यह सीधा सीधा पार्टी संगठन, मुख्यमंत्री और मंत्री भूपेंद्र सिंह के ऊपर वार है क्योंकि भूपेंद्र सिंह के ऊपर ही चुनाव प्रभार था। बीजेपी एक अनुशासित पार्टी मानी जाती है और एक विधायक का इस तरह का खुलेआम पार्टी के खिलाफ ट्वीट करना यह बताता है कि किस कदर पार्टी के अंदर असंतोष खलबला रहा है।