नए कृषि बिलों को लेकर देशभर में विरोध, मध्यप्रदेश में किसानों को मिल रहा लाभ

खास करके प्रदेश की शिवराज सरकार  (Shivraj Government) किसानों को लगातार बिलों को समझाने और इसके फायदे गिनाने में जुटी है। 

कृषि बिल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एक तरफ देशभर में नए कृषि बिलों (Agricultural Bills) को लेकर किसान आंदोलन (Farmers Protest) चल रहा है।आज सोमवार (Monday) को 19वें दिन किसान दिल्ली की सीमाओं (Delhi Border) पर भूख हड़ताल पर बैठ गए है। केन्द्र की मोदी सरकार (Modi Government) लगातार बातों से इसका हल ढूंढने में जुटी है। वही दूसरी तरफ नए कानून से मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के किसानों को एक के बाद एक फायदा मिल रहा है।

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इसके 3 उदाहरण सामने आए है, जिसमें होशंगाबाद, डबरा और बालाघाट मुख्य है, 24 घंटे में एक्शन लिया गया है। पहला मामला होशंगाबाद जिले (Hoshangabad District) में पिपरिया का है, जहां एसडीएम ने नए कृषि कानून के तहत कंपनी को किसानों से अनुबंध के आधार पर धान खरीदने का आदेश दिया था। इसके पहले कंपनी ने अनुबंध पर तय किए गए दाम के मुताबिक खरीदी नहीं कर रही थी, जिसके बाद किसान अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे और 24 घंटे के अंदर ही उन्हें न्याय मिला।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने खुद प्रशासन को इस कार्रवाई के लिए बधाई दी है।दूसरा मामला बालाघाट का है जहां किसानों का पैसा न देने पर राइस मिलर पर मामला दर्ज होगा। तीसरा मामला ग्वालियर के भितरवार तहसील का है, जहां प्रशासन किसानों (Farmers) की कमाई लेकर भागे व्यापारी की संपत्ति कुर्क कर उन्हें पैसा लौटाएगा।  खास करके प्रदेश की शिवराज सरकार  (Shivraj Government) किसानों को लगातार बिलों को समझाने और इसके फायदे गिनाने में जुटी है, ताकी दिल्ली में फैली किसानों के विरोध की आग मध्यप्रदेश तक ना पहुंचे और आगामी नगरीय निकाय चुनाव (Urban body elections) में इसका कोई नुकसान ना उठाना पड़े।

पहला मामला होशंगाबाद जिले से

होशंगाबाद जिले के पिपरिया (Piparia) तहसील के भौखेडी एवं अन्य ग्राम के किसानों से मंडी के उच्चतम मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए माह जून 2020 में फ़ोर्चून राईस लिमिटेड कंपनी दिल्ली (Fortune Rice Limited Company) द्वारा लिखित अनुबंध किया गया था। कंपनी ने शुरू में अनुबंध अनुसार खरीदी की, लेकिन जब धान के भाव रूपये 3000 प्रति क्विंटल पहुँच गए तो 9 दिसम्बर को कंपनी के कर्मचारियो ने खरीदी बंद कर फोन बंद कर लिये। एसडीएम पिपरिया नितिन टाले (SDM Pipariya Nitin Talay) ने बताया कि उक्त प्रकरण में दिनांक 10 दिसंबर को ग्राम भौखेडी के कृषक पुष्पराज पटेल एवं ब्रजेश पटेल द्वारा एसडीएम नितिन टाले को शिकायत की और प्रकरण मे तत्परतापूर्वक कार्रवाई कर न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पिपरिया ने समन जारी कर फॉर्चून राइस लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि को 24 घंटे मे समक्ष में जवाब तलब कर दिया । एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी समन पर फॉर्चून राईस लिमिटेड के डायरेक्टर अजय भलोटिया ने जवाब प्रस्तुत किए जाने पर कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 की धारा 14(2)(ए) क तहत कॉन्शुलेशन बोर्ड का गठन किया। कॉन्शुलेशन बोर्ड के समक्ष कंपनी ने दिनांक 9 दिसंबर के उच्चतम दर पर धान क्रय करना स्वीकार किया।बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पिपरिया ने अनुबंधित कृषको से रू 2950+50 रू बोनस कुल 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर धान खरीदने हेतु आदेशित किया। इस प्रकार नये कृषक कानून का प्रयोग करते हुए शिकायत प्राप्त होने के 24 घंटे के अंदर कृषकों को अनुबंध अनुसार उच्चतम बाजार दिलाये जाने की कार्रवाई की गई।

दूसरा मामला बालाघाट से सामने आया

बालाघाट जिले (Balaghat District) के लांजी के कृषकों से ग्राम घोटी स्थित पलक राईस मिल द्वारा धान की फसल क्रय कर अभी तक क्रय राशि का भुगतान नहीं करने पर किसानों ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी लाँजी को शिकायत की और कृषकों ने कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य संवर्धन और सरलीकरण अधिनियम 2020 के तहत कार्रवाई करने का आवेदन किया। एस.डी.एम. द्वारा इस अधिनियम की धारा 8 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया जा रहा है।जिसमें तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी कृषि, कृषक और राईस मिल के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सुलह बोर्ड के माध्यम से मामले का निराकरण किया जायेगा।  मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इस प्रकरण में संज्ञान लिया गया और कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर बालाघाट (Balaghat Collector) ने बताया कि अभी तक किसानों – धनराज, भारत बाहे, कृष्ण पांचे, कोमेश्वर बाहे, जितेन्द्र दांदरे, लवकुश यादव और युवराज दांदरे को पलक राईस मील के प्रोपराइटर अतुल आसटकर द्वारा क्रय की गई धान के मूल्य का भुगतान नहीं किया गया। जबकि इन्होंने शीघ्र भुगतान का आश्वासन दिया था। कृषकों ने पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संज्ञान लिया गया।

ग्वालियर से सामने आया तीसरा मामला

ग्वालियर जिले (Gwalior District) के तहसील भितरवार के ग्राम बाजना के कृषक देवेन्द्र सिंह और अन्य 23 कृषकों द्वारा शिकायत की गयी थी कि ग्राम बाजना के ही व्यापारी बलराम परिहार ने ग्राम के कृषकों से धान खरीदी थी और 15 दिन में अनुबंधित दर पर धान की कीमत का भुगतान कर देने का आश्वासन दिया था।ग्रामवासियों ने शिकायत में बताया कि बलराम 03 दिसम्बर 2020 को गांव से बाहर चला गया है और उसने किसी भी किसान को देय राशि का भुगतान अब तक नहीं किया है। धान क्रय करने की रसीदें सभी विक्रेता कृषकों के पास हैं। ग्रामवासियों ने यह भी बताया कि ग्राम के करीब 42 कृषकों की फसल उसने खरीदी है और विक्रय राशि का भुगतान नहीं किया है। किसानों ने नये कृषि कानूनों के तहत कार्रवाई करने की मांग की।

जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार बलराम के विरूद्ध नये कृषि कानूनों के तहत प्रकरण दर्ज कर उपस्थित होने का सूचना पत्र जारी किया गया। अधिनियम की धारा 14 (2)(ए) के तहत विवाद निपटारे के लिये सुलह बोर्ड का गठन किया गया है। सुलह बोर्ड के सदस्यों द्वारा जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। थाना बेलगढ़ा में बलराम के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। उसे पकड़ने के लिये दबिश दी जा रही है। यदि उसके द्वारा किसानों से खरीदी गयी फसल के मूल्य का भुगतान नहीं किया जाता है तो उसकी सम्पत्ति कुर्क कर जिला प्रशासन (Administration) द्वारा किसानों के फसल की राशि की प्रतिपूर्ति की जायेगी।

किसानों को मिल रहा फायदा- शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए कृषि कानून का प्रयोग करते हुए किसानों के हित में लिए गए फैसले की प्रशंसा की।उन्होंने कहा कि 24 घंटे के भीतर किसानों को न्याय दिलाने में तत्परतापूर्वक कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन होशंगाबाद की भूमिका सराहनीय है।चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में किसानों के हित में जो नए कदम उठाए हैं, उसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। पूर्व में लिए गए फैसलों जैसे किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, किसान सम्मान निधि (Kisan Samman Nidhi) के तहत छोटे किसानों को राहत,किसानों को फसल बीमा योजना (Crop Insurance Policy) के लाभ पहुंचाने के अलावा नए वैधानिक प्रावधान भी किसानों की आर्थिक उन्नति का आधार बन रहे हैं। प्रदेश में किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 के प्रावधान अनुसार किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है।

किसानों को चौपाल लगातार बिल समझाएगी शिवराज सरकार

किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल (Agriculture Minister Kamal Patel) ने बताया कि 15 दिसम्बर (December) को दोपहर 12 बजे किसान चौपाल का आयोजन किया जायेगा। भोपाल (Bhopal) में आयोजित चौपाल में भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के किसान सम्मिलित होंगे। किसानों को नवीन कृषि विधेयकों (Farm Bills 2020) से मिलने वाले लाभों से अवगत कराया जायेगा। किसान चौपाल को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद वी.डी. शर्मा भी संबोधित करेंगे। उज्जैन में भी 15 दिसम्बर को किसान चौपाल आयोजित होगी। शेष अन्य संभागों में 16 दिसम्बर को किसान चौपालों का आयोजन किया जायेगा।