कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सतर्क High court, शिवराज सरकार से पूछा सवाल, दिए निर्देश

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस वीके शुक्ला की युगलपीठ ने कोरोना संक्रमण के संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार की तैयारियों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

Jabalpur News

जबलपुर, संदीप कुमार।  मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में संभावित Corona की तीसरी लहर (third wave) से निपटने के मध्यप्रदेश शासन (MP Government) सहित हाई कोर्ट (high court) भी सतर्क है। इस दौरान मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने Corona की दो लहरों से निपटने के बाद तीसरे लहर के लिए शिवराज सरकार ने क्या तैयारी की है। इस मामले में जवाब मांगा है। मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने कोर्ट मित्र अधिवक्ता को निर्देशित किया है कि वो प्रदेश के तमाम बड़े शहरों में कोरोना उपचार की निर्धारित दर के संबंध में भी जानकारी लेकर जल्द उसे पेश करें। कोरोना संक्रमण संबधित मामले में अब जबलपुर हाईकोर्ट में कब अगली सुनवाई 5 जुलाई को होगी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस वीके शुक्ला की युगलपीठ ने कोरोना संक्रमण के संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए शिवराज सरकार की तैयारियों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

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सुनवाई के दौरान कोर्ट मित्र ने युगलपीठ को बताया कि AIIMS के डायरेक्टर ने चेतवानी दी है कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर 6 से 8 सप्ताह में आने वाली है। लिहाजा कोर्ट मित्र ने बताया कि कोरोना वायरस के नए वेरिएंट को डेल्टा प्लस नाम दिया गया है। कोर्ट मित्र ने दी युगलपीठ को जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना के नए वेरिएंट से लड़ने के लिए प्रदेश के सभी जिला अस्पताल में न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं होना चाहिए। कोर्ट मित्र ने बताया कि बड़े जिलों के अस्पताल में तो सुविधाएं है लेकिन छोटे जिलों के अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव है। यहां इलाज के लिए मरीजों को एक जिले से दूसरे जिले में भटकना पड़ता है।