इंदौर: बीजेपी और कांग्रेस प्रतिनिधियों की हाई लेवल मीटिंग, मिनी लॉकडाउन की तरफ बढ़ता जिला

छोटे लॉकडाउन लगा कर संक्रमण की चैन को तोड़ना प्रशासन और सरकार की पहली प्राथमिकता है।

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इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कोरोना (corona) की स्थिति गंभीर हो चुकी है। प्रदेश में प्रतिदिन 4000 से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। एक बार फिर से देश की आर्थिक राजधानी इंदौर कोरोना का हॉटस्पॉट (hotspot) बन रही है। 800 से 900 मामले देखने को मिल रहा है। इसको देखते हुए रेसीडेंसी कोठी में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन (sumitra mahajan) ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी।

दरअसल इंदौर की रेसीडेंसी कोठी में भाजपा और कांग्रेस नेता की विचार-विमर्श के लिए एक बैठक बुलाई गई। जिसकी अगुवाई पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने की। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट (tulsi silawat) और उषा ठाकुर भी शामिल रहे। इसके साथ ही जिले के सभी कांग्रेस (congress) और बीजेपी (bjp) नेता भी बैठक में पहुंचे।

इंदौर के अस्पतालों में लगातार हो रहे ऑक्सीजन और इंजेक्शन की किल्लत को लेकर चर्चा की गई। इसके अलावा अस्पताल में बिस्तरों की कमी पर ही बात हुई। वही जनप्रतिनिधियों द्वारा इंदौर में स्वेच्छा से लॉकडाउन के लिए भी अपील की गई है। सिलावट ने मीडिया से बात करते हुए इंदौर में संक्रमण की रफ्तार तेज है।संक्रमण के चैन को तोड़ने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे और हम इस तरफ प्रयास कर रहे हैं।

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बैठक में शंकर लालवानी, विनय बाकलीवाल, विशाल पटेल के अलावा महेंद्र हार्डिया, गौरव रणदिवे, सुदर्शन गुप्ता सहित तमाम लोग शामिल रहे। इसके अलावा इंदौर हॉस्पिटल में हुए रेमोडेशिविर इंजेक्शन को लेकर भी चर्चा की गई। कांग्रेस नेता का कहना है कि जिले में 50000 इंजेक्शन का बैकलॉग है। लोग इंजेक्शन की राह देख रहे हैं। जल्द से जल्द इसकी आपूर्ति का प्रयास किया जाना चाहिए।

संक्रमण के बढ़ते चैन को देखते हुए बेड़ों की संख्या को देखते हुए धर्मशाला ओं मैरिज गार्डन को कोविद अस्पताल के रूप में तैयार करने पर भी सहमति बनी है। इसके साथ ही कम दिनों के लॉक डाउन की बात भी बैठक में चर्चा का विषय है।छोटे अंतराल के लॉक डाउन पर भी बैठक में विचार किया गया है। जहां सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा एक स्वर में लॉक डाउन की अपील की गई है। बता दे कि सरकार और प्रशासन बड़ी लॉकडाउन से बच रही है। वहीं छोटे लॉकडाउन लगा कर संक्रमण की चैन को तोड़ना प्रशासन और सरकार की पहली प्राथमिकता है।