भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Government) द्वारा 3 महिने के लिए मंडी शुल्क 50 पैसे किए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने सवाल उठाए है। कमलनाथ ने एक के बाद कई ट्वीट कर इसे स्थायी रुप से लागू करने की मांग की है।कमलनाथ का कहना है कि इस छूट को स्थायी रूप से लागू करें और उनकी सभी जायज़ माँगो पर तत्काल निर्णय लें।

कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि एक और चुनावी घोषणा बनी धोखा। मंडी टेक्स में सिर्फ 3 माह के लिए दी गई परीक्षण अस्थायी छूट कृषि (Agriculture) उपज व्यापारियों के साथ बड़ा धोखा, इससे ना व्यापारियों का भला होगा ना किसानो का।ऐसे में मात्र तीन माह के लिये मिली अस्थायी छूट का कोई बड़ा फायदा व्यापारियों (Merchants) को नहीं मिलेगा ?बाद में रेवेन्यू लॉस के नाम पर मंडी टेक्स फिर बढ़ा दिया जाएगा।अभी सिर्फ़ गुमराह करने के लिये लिया गया निर्णय , इससे कृषि उपज व्यापारियों को कोई बड़ा फ़ायदा नहीं ।

कमलनाथ ने मांग कि है कि यदि सरकार व्यापारियों का व किसानो का हित चाहती है तो इस छूट को परीक्षण के तौर पर अस्थायी रूप से लागू करने की बजाय इसे स्थायी रूप से लागू करे व उनकी सभी जायज़ माँगो पर तत्काल निर्णय लिया जावे।

दरअसल, कृषि विभाग (Agriculture Department) की उच्च स्तरीय बैठक में गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने फैसला लिया है कि मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की कृषि उपज मंडियों में व्यापारियों से लिए जाने वाले मंडी शुल्क (Market Fee) की राशि अब 1.50 रु. के स्थान पर 50 पैसे प्रति 100 रु. होगी। यह छूट 14 नवंबर (November) 2020 से आगामी 3 माह के लिए रहेगी। 3 महीने बाद इस छूट के परिणामों का अध्ययन कर आगे के लिए निर्णय लिया जाएगा।