कमलनाथ ने इन मुद्दों को लेकर शिवराज सरकार पर साधा निशाना, ट्वीट कर उठाए सवाल

गेंहू खरीदी केंद्र और ब्लैक फंगस के इलाज को लेकर कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा है

कमलनाथ

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में विपक्ष शिवराज सरकार पर लगातार निशाना साधते जा रही है फिर चाहे वह कोरोना (Corona) का मामला हो या ब्लैक फंगस (Black fungus) का या फिर हाल ही में आए चक्रवर्ती तूफान ताऊ ते (Tauktae) का, विपक्ष द्वारा सरकार को हर मुद्दों पर लगातार घेरा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने आज लगातार दो ट्वीट करके शिवराज सरकार (Shivraj government) पर जमकर निशाना साधा।

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लापरवाहों पर हो कार्यवाही
पहले नाथ ने चक्रवर्ती तूफान ताऊ के कारण हो रही बेमौसम बारिश को लेकर ट्वीट किया और लिखा कि ‘चक्रवती तूफ़ान “ताऊ ते” के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में भी बेमौसम बारिश हुई है। इस बारिश से गेहूँ ख़रीदी केंद्रो पर लाइन में लगे किसानो के गेहूँ भीगने की ख़बरे कई स्थानो से आ रही है और यह भी शिकायते आ रही है कि इस भीगे हुए गेहूँ को ख़रीदी केंद्रो पर नहीं लिया जा रहा है। नाथ ने सरकार से माँग की है कि पहले से ही संकट के इस दौर में कई परेशानी झेल रहे किसानो को राहत प्रदान करने के लिये भीगे हुए इस गेहूँ को ख़रीदने के लिये सरकार तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे। साथ ही इस तूफ़ान की तमाम चेतावनियों के बावजूद कई ख़रीदी केंद्रो के बाहर खुले में पड़े गेहूं का समय पर परिवहन कर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने का कार्य नहीं किया गया, जिससे खुले में पड़ा गेहूँ बारिश की चपेट में आ गया है , इससे गेहूँ के ख़राब व नुक़सान होने की संभावना है। यह घोर लापरवाही है, इसकी ज़िम्मेदारी तय कर, लापरवाही बरतने वाले ज़िम्मेदारों पर भी सरकार तत्काल कार्यवाही की जाये।

ब्लैक फंगस के इंजेक्शनों की कमी पर बोले नाथ
कमलनाथ ने ब्लैक फंगस के इलाज पर आ रही कमी पर लिखा कि अब प्रदेश में ऑक्सीजन, रेमडेसिवीर की कमी की तरह ही ब्लैक फंगस बीमारी में उपयोग में आने वाले आवश्यक इंजेक्शनों की कमी से जनता रोज़ जूझ रही है। इसकी कमी के कारण मरीज़ों की जान जा रही है, मरीज़ के परिजन इसके लिये दर-दर भटक रहे है। प्रदेश में अभी तक क़रीब 500 मरीज़ इस बीमारी के सामने आ चुके है लेकिन ज़रूरी इंजेक्शनों की कमी से उनकी यह बीमारी भयावह होती जा रही है। सरकार ने इन इंजेक्शनों की आपूर्ति को लेकर अभी तक कोई ठोस कार्ययोजना ना बनायी है और ना इसके आवश्यक इंतज़ाम किये है। मरीज़ के परिजन मारे- मारे फिर रहे है, निजी से लेकर सरकारी अस्पतालों में इसका टोटा बना हुआ है। इस बीमारी की भयावहता अधिक है। सरकार जल्द ही इन जीवन रक्षक इंजेक्शनों की कमी दूर करे, इनकी आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास युद्ध स्तर पर करे ताकि लोगों का जीवन बच सके।