भोपाल। गुना लोकसभा सीट से कांग्रेस इस बार कुछ बड़ा करने का इरादा कर रही है। कमलनाथ सरकार के दो मंत्री यहां से बीजेपी प्रत्याशी केपी यादव के संपर्क में हैं और उन्हें घर बैठाने की रणनीति पर काम कर हैं। जिससे इस सीट से वर्तमान सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया रिकार्ड मतों से जीत दर्ज कर सकें। 2014 में मोदी लहर के बावजूद उन्होंने ढाई लोख वोटों से जीत हासिल की थी। यही कारण था कि उनके खिलाफ बीजेपी का कोई बड़ा नेता चुनाव नहीं लड़ना चाहता था।
दरअसल, सिंधिया खेमे के भरोसेमंद माने जाने वाले कांग्रेस नेता इस बार अपने नेता की जीत को एकतरफा कराने के लिए जोड़ तोड़ में लग गए हैं। कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बसपा प्रत्याशी को सिंधिया के समर्थन में बैठाकर कांग्रेस की सदस्यता दिला चुके हैं। अब सीधा मुकाबला यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच है। मीडिया रिपोर्ट में इस बाता का दावा किया जा रहा है कि बीजेपी प्रत्याशी केपी यादव के पिता कांग्रेस के कट्टर नेता रहे हैं। इसके चलते केपी भी कांग्रेस के खास सिपाही रहे हैं। मुंगावली में हुए उप चुनाव के समय तक वह कांग्रेस में रहे। विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला और उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली, और फिर चुनाव भी लड़ा लेकिन वह हार गए।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि गुना से ढाई लाख ज्यादा वोट से जीतने वाले सिंधिया के खिलाफ भाजपा का कोई नेता चुनाव लड़ने को राजी नहीं था। ऐसे में केपी यादव को औपचारिकता के लिए टिकट दे दिया गया। सूत्रों की मानें तो केपी यादव को कांग्रेस के दो कैबिनेट मंत्री अपने भरोसे में ले रहे हैं।