समिति का गठन, अफसरों के ट्रैक रिकॉर्ड की होगी जांच, केंद्र को भेजी जाएगी रिपोर्ट

MP 15:25:50 फार्मूला : जिसके बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा जांच में पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर ही EOW ने मुकदमा दर्ज किया है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट  मध्यप्रदेश (MP) में जल्द ही अधिकारी कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए समिति का गठन कर दिया गया है और समिति अफसरों के ट्रैक रिकॉर्ड की जांच में जुट गई है। दरअसल मध्य प्रदेश कैडर (MP Cadre) के डेढ़ सौ से अधिक IPS अफसरों का आकलन छानबीन समिति द्वारा शुक्रवार को मंत्रालय में किया जाएगा। वही समिति द्वारा वैसे अफसरों की जांच भी की जाएगी। जिन्होंने सेवा में रहते हुए अपने 15 साल पूरे कर लिए हैं या फिर उनकी उम्र 50 साल से ऊपर हो चुकी है।

मामले मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि 15 साल की सेवा पूरी करने वाले 20 अफसरों के कामकाज का आकलन किया जाएगा। प्रदेश में ऐसे कुल 130 IPS अफसर है। जिन्होंने 25 साल की सेवा पूरी कर ली है। वहीं उनकी उम्र 50 साल से अधिक हो चुकी है। केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए 15:25:50 फार्मूला लागू कर दिया गया है। जिसके बाद मध्य प्रदेश में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।

यह समिति इन अफसरों के ट्रेक रिकॉर्ड की जांच करेगी और इसकी रिपोर्ट केंद्र को सौंपेगी। बता दें कि समिति में डीजीपी विवेक जौहरी के अलावा अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव महिला बाल विकास अशोक शाह और छत्तीसगढ़ के डीजी प्रबंध आरके विज सदस्य के रूप में नियुक्त किए गए हैं।

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वही डीओपीटी ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 25 साल की सेवा पूरी करने या 50 साल की आयु पूरी करने वाले अयोग्य अफसरों की ट्रैक रिकॉर्ड की जांच की जाए और इसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द केंद्र सरकार को भेजी जाए। इसमें वैसे अफसरों को भी शामिल किया गया है। जिनके लापरवाह व्यवहार की वजह से उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई हुई है। पिछले 5 सालों में उन्हें कोई पदोन्नति ना मिली हो। केंद्र सरकार के नए नियम के तहत ऐसे अफसरों को 3 महीने के नोटिस के साथ-साथ 3 महीने का वेतन देकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है।