मप्र पंचायत चुनाव: आयोग ने किया ये बड़ा बदलाव, निर्देश जारी, ऐसे बनेगा कर्मचारी डाटाबेस

प्रथम चरण में 85 विकासखण्डों की ग्राम पंचायतों में मतदान होगा। मतदान 6 जनवरी 2022 को सुबह 7 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक होगा।

पंचायत चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव (MP PanchayaT Election 2021) की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग (state election commission) ने एक और बड़ा फैसला लिया है।इसके तहत मतगणना के 15 दिन के अंदर 52 जिला पंचायत और 313 जनपद के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों का चुनाव करना होगा। वही 13 दिसंबर को चुनाव अधिसूचित होने की तारीख तक राजस्व और गृह विभाग से 3 साल से ज्यादा समय से एक ही जगह पर अधिकारियों के ट्रांसफर कर सर्टिफिकेट राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपना है।

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इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन 2021-22 के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार मतदान तीन चरण में होगा। प्रथम चरण में 85 विकासखण्डों की ग्राम पंचायतों में मतदान होगा। मतदान 6 जनवरी 2022 को सुबह 7 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक होगा। नाम निर्देशन पत्र 13 दिसंबर से 20 दिसंबर तक लिये जाएंगे। नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 21 दिसम्बर को होगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने के अंतिम तारीख 23 दिसंबर है। निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन भी 23 दिसंबर 2021 को होगा।

सचिव राज्य निर्वाचन आयोग बीएस जामोद ने जानकारी दी है कि प्रथम चरण में भोपाल जिले के विकासखंड फंदा, बैरसिया, राजगढ़ जिले के ब्यावरा, राजगढ़, रायसेन जिले के साँची, सिलवानी, सीहोर जिले के सीहोर, विदिशा जिले के बासोदा, विदिशा, इंदौर जिले के सांवेर, इंदौर, देपालपुर, डॉ. अंबेडकर नगर (महू), खरगोन जिले के बड़वाह, महेश्वर, खंडवा जिले के पुनासा, हरसूद, बलड़ी, धार जिले के नालछा, गंधवानी, मनावर, धरमपुरी, झाबुआ जिले के पेटलावद, बड़वानी जिले के राजपुर, ठीकरी, ग्वालियर जिले के मुरार, भितरवार, घाटीगाँव, डबरा, गुना जिले के गुना, ‍िशवपुरी जिले के खनियाधाना, बदरवास, अशोकनगर जिले के अशोकनगर, जबलपुर जिले के सीहोरा, कुंडम, पनागर, जबलपुर (बरगी), छिंदवाड़ा‍जिले के तामिया, हर्रई, अमरवाड़ा, सिवनी जिले के सिवनी, बरघाट, बालाघाट जिले के बेहर, परसवाड़ा, बारासिवनी, खेरलाँजी, मंडला जिले के नारायणगंज, निवास, बीजाडांडी, डिंडौरी जिले के शहपुरा, मेंहदवानी और कटनी जिले के बहोरीबंद एवं रीठी विकासखंड की पंचायतों में मतदान होगा।

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वही उज्जैन जिल के खाचरोद, घट्टिया, नीमच जिले के नीमच, रतलाम जिले के आलोट, शाजापुर जिले के शाजापुर, आगर-मालवा जिले के आगर, मंदसौर जिले के मंदसौर, सागर जिले के सागर, रेहली, केसली, छतरपुर जिले के छतरपुर, राजनगर, दमोह जिले के जबेरा, पथरिया, टीकमगढ़ जिले के बलदेवगढ़, रीवा जिले के हनुमना, मऊगंज, नईगढ़ी, सीधी जिले के सीधी, सतना जिले के चित्रकूट (मझगवाँ), सुहावल (सतना), उचेहरा, होशंगाबाद जिले के सोहागपुर, केसला, बैतूल जिले के बैतूल, आमला, शाहपुर, शहडोल जिले के सोहागपुर, भिंड जिले के मिहोना (रोन) लहार और मुरैना जिले के अंबाह एवं पोरसा विकासखंड में प्रथम चरण में मतदान होगा।

 DDO वाइज जानकारी से कर्मचारी डाटाबेस बनेगा

सतना कलेक्टर (Satna Collector) अजय कटेसरिया ने बताया कि चुनाव के लिए तैयार किए जाने वाले कर्मचारी डाटाबेस अब जिला कोषालय से आहरण-संवितरण अधिकारी वार विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी लेकर बनाया जाएगा। आमतौर पर चुनावों की कर्मचारी डाटाबेस जानकारी बनाते समय विभाग प्रमुख अधिकारियों द्वारा कतिपय कर्मचारियों के नाम भेजने वाली सूची में छोड़ दिए जाते हैं। जिला कोषालय से कर्मचारियों की डाटाबेस सूची मंगाए जाने पर जितने कर्मचारियों का वेतन आहरित हो रहा है, सबके नाम शामिल किए जा सकेंगे।3 चरणों में होने वाले 8 जनपद क्षेत्रों के पंचायत निर्वाचन में मतदान दलों में एक विकासखंड के अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी उसी विकासखंड में नहीं लगाई जाएगी। जिला कोषालय अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी विभागों की DDO वार अधिकारी-कर्मचारी की जानकारी कर्मचारी डाटाबेस के लिए NIC को उपलब्ध कराएं। इसी प्रकार जिन विभागों का वेतन भुगतान ट्रेजरी से नहीं होकर चेक के माध्यम से होता है, ऐसे जनपद, जिला पंचायत, नगरीय निकाय के कर्मचारियों की जानकारी विभाग प्रमुख से मंगाई जाएगी। चुनाव के लिए तैयार किए जाने वाले कर्मचारी डाटाबेस में जिले में पदस्थ और कार्यरत एक-एक कर्मचारी की जानकारी फीड की जाएगी।

बगैर लिखित अनुमति के सम्पत्ति विरूपित करने पर लगेगा जुर्माना

आगर-मालवा कलेक्टर (Agar-Malwa Collectorate) एवं जिला दण्डाधिकारी अवधेश शर्मा ने चुनाव की प्रक्रिया के दौरान चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों तथा अन्य कोई व्यक्ति को शासकीय एवं अशासकीय सम्पत्ति को सम्बन्धित विभाग या भवन स्वामी की अनुमति के बिना विरूपित किया जाना पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है। जारी आदेशानुसार किसी भी सम्पत्ति को स्याही, खड़िया रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित करके विरूपित करना दण्डनीय होगा। ऐसा किये जाने पर सम्बन्धित विभाग या भवन स्वामी के द्वारा सम्पत्ति विरूपण के बारे में थाने में प्रथम सूचना दर्ज कराई जा सकेगी। मध्यप्रदेश सम्पत्ति विरूपण अधिनियम जो कोई भी व्यक्ति या उम्मीदवार शासकीय भवन या कोई भी सम्पत्ति के स्वामी की लिखित अनुमति के बिना सम्पत्ति का विरूपण करेगा तो उसके विरूद्ध एक हजार रूपये तक का जुर्माना होगा। इस अधिनियम के तहत दण्डनीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा। सम्पत्ति के अन्तर्गत कोई भी भवन झोंपड़ी, संरचना, दीवार, वृक्ष खम्बा (पोस्ट) स्तम्भ या कोई अन्य परिनिर्माण शामिल रहेगा।