MP School: मप्र के छात्रों के लिए सीएम शिवराज की बड़ी घोषणा, बोले- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी

स्कूल शिक्षा विभाग (school education department) की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना जैसे भयानक काल में भी शिक्षकों की भूमिका उत्तम रही।

सीएम शिवराज

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में केंद्र (central) द्वारा तैयार की गई नई शिक्षा नीति (New education policy) को अमल में लाए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) ने बड़ी घोषणा की। सीएम शिवराज ने कहा कि मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी है जिसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। वही व्यवस्था पर समूचा ध्यान दिया जा रहा है।

दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में अब 6वीं कक्षा से ही व्यवसायिक शिक्षा (professional education) की व्यवस्था की जा रही है। व्यवसायिक शिक्षा से बच्चों को प्रोफेशनल तरीके से सोचने और क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि प्रदेश में 20 से 25 किलोमीटर की परिधि में सीएम राइज स्कूल (cm rise school) शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे स्कूलों के जिसमें पुस्तकालय, खेल मैदान के साथ शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था होगी। इसके अलावा प्रयोगशाला सहित केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान प्रदेश के छात्रों से बड़ा वादा करते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि प्रदेश के सारे स्कूल संचालित होंगे। साथ ही साथ सीएम राइज जैसे स्कूल भी निर्माणाधीन है। जिसे जल्द शुरू किया जाएगा।

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वही स्कूल शिक्षा विभाग (school education department) की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना जैसे भयानक काल में भी शिक्षकों की भूमिका उत्तम रही। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन क्लासेस शुरु करके बच्चों को पढ़ाई में रुकावट नहीं आने दी जो कि बेहद सराहनीय कदम है।

बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रालय में आयोजित छात्रवृत्ति योजना कार्यक्रम के दौरान कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीबन 14 लाख विद्यार्थियों के खाते में सिंगल माध्यम से 326 करोड़ 25 लाख से अधिक की राशि भेजी। जिसमें 1 लाख 80 हजार से अधिक स्कूल शिक्षा विभाग के, वही 4 लाख 78 हजार अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, 4 लाख 32 हजार जनजातीय कार्य विभाग और 3 लाख 35 हजार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विद्यार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति भेजी गई।