MP School: मप्र के इन छात्रों के लिए शिवराज सरकार का बड़ा फैसला

इन कक्षाओं के आधुनिकरण के लिए 22 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है।

MP School

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। शिक्षा की गुणवत्ता (Quality of education) में सुधार के लिए शिवराज सरकार (shivraj government) लगातार बड़े प्रयास कर रही है। एक तरफ जहां शासकीय स्कूल (government school) और विश्वविद्यालय (colleges) को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ अब प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्रों के लिए शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जहां प्रदेश के जनजाति क्षेत्रों की शासकीय स्कूलों में 370 कक्षाओं को स्मार्ट क्लास (smart class) बनाया जाएगा।

दरअसल प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया बहुल जिलों में 50 सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन (Fully equipped community hall) की स्थापना की जाएगी। इतना ही नहीं इन सामुदायिक केंद्रों में इन समुदाय के छात्रों के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित भी करवाई जाएगी। दरअसल जबलपुर, ग्वालियर, शहडोल संभाग में 2 करोड रुपए प्रति भवन की लागत से सामुदायिक भवन तैयार किए जा रहे हैं।

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बता दे कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 6 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। जिला स्तर पर बनने वाले सामुदायिक भवन के लिए विभागीय बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। इसके साथ ही प्रदेश के हर शासकीय स्कूल में आधार केंद्र की शाखाएं खोली जाएगी। जहां बच्चे की उम्र 15 वर्ष होते ही उसका आधार कार्ड अपडेशन किया जाएगा। शासकीय स्कूल के आधार केंद्रों में बच्चों के आधार कार्ड रिन्यू किए जाएंगे।

इसके साथ ही साथ विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों के लिए स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता को सुधार लाने के लिए स्कूलों का चयन किया जा रहा है। जहां 370 कक्षाओं को स्मार्ट क्लास के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए हायर सेकेंडरी स्कूलों का चयन किया गया। इन कक्षाओं के आधुनिकरण के लिए 22 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है। वहीं इन कक्षाओं में विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों को आधुनिक पद्धति से कंप्यूटर प्रोजेक्टर के तहत तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।