नगर निकाय चुनाव 2021: आरक्षण प्रक्रिया पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने साफ कहा की पांचवी अनुसूची में वर्णित आदिवासी क्षेत्र की पंचायत के लिए ही संविधान की इस बंधन को तोड़ा जा सकता है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में आगामी दिनों में निकाय चुनाव (body election) की घोषणा हो जाएगी। इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (mp highcourt) ने एक अहम आदेश दिया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक नगरीय निकाय चुनाव में ओबीसी(obc), एससी (sc) और एसटी (st) को कुल मिलाकर 50% से अधिक आरक्षण (reservation) नहीं किया जा सकता है।

दरअसल एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा की नगरीय निकाय चुनाव में ओबीसी, एससी, एसटी को मिलाकर कुल 50 फ़ीसदी आरक्षण किए जा सकते हैं। विशेष मामले में ही इन आरक्षण प्रतिशत को बढ़ाया या कम किया जा सकता है। न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने साफ कहा की पांचवी अनुसूची में वर्णित आदिवासी क्षेत्र की पंचायत के लिए ही संविधान के इस बंधन को तोड़ा जा सकता है।

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बता दें कि याचिकाकर्ता की ओर से शिकायत की गई थी कि नगरीय निकाय चुनाव की आरक्षण की सीमा 50% से अधिक नहीं हो सकती लेकिन 10 दिसंबर 2020 को एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। जिसमें धनपुरी नगर परिषद के 3 वार्ड एससी, पांच वार्ड एसटी व सात वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित कर दिए गए थे। जबकि नियमों के अनुसार 14 से अधिक वार्ड आरक्षित नहीं किए जा सकते थे। इस पर अब हाई कोर्ट ने अपना फैसला दिया है।