MP के अधिकारियों-कर्मचारियों से 15 दिन में मांगी ये पूरी जानकारी, निर्देश जारी

जिलों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी से स्पष्ट नहीं हो रहा है कि कौन सा अधिकारी अथवा कर्मचारी किस श्रेणी (प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ) का है।

मध्य प्रदेश कर्मचारियों

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों (MP Employees Officers) की श्रेणी और पदवार जानकारी मांगी गई है। राज्य शासन (MP Government) ने प्रदेश के सभी कार्यालयों में कार्यरत अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पृथक-पृथक श्रेणीवार एवं पदवार जानकारी निर्धारित प्रपत्र में भेजने के निर्देश जारी किए है।

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राज्य शासन के निर्देशानुसार, दमोह जिले के अंतर्गत समस्त कार्यालयों में कार्यरत अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों (OBC Employees) की पदवार जानकारी निर्धारित प्रपत्र में प्रदान करने के लिए लिखा गया था परंतु कई जिलों की जानकारी अभी तक अप्राप्त है एवं कुछ विभागों की जानकारियां त्रुटिपूर्ण है। कतिपय जिलों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी से स्पष्ट नहीं हो रहा है कि कौन सा अधिकारी अथवा कर्मचारी किस श्रेणी (प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ) का है। कुछ विभागों द्वारा निर्धारित प्रपत्र में जानकारी नहीं भेजी गई है।

जारी निर्देशानुसार मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने सभी संबंधित विभागों से कहा है पत्र निर्धारित प्रपत्र में स्पष्ट पृथक-पृथक श्रेणीवार तथा पृथक-पृथक पदनाम सहित वांछित जानकारी अनिवार्यत: 15 दिवस की समयावधि में कार्यालय के पते 2-बी, राजीव गांधी, भवन, 35-श्यामला हिल्स भोपाल पर तथा आयोग के ई-मेल mpobckalyanayog@gmail.com पर मंगल फॉन्ट में एमएस एक्सेल में सॉफ्ट कॉपी एवं हार्ड कापी उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये।

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बीते दिनों मीडिया रिपोट्स में सामने आया था कि मप्र की शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की गिनती करवाई है, जिसमें पता चला था कि प्रदेश में सितंबर 2021 की स्थिति में कुल 3,19,144 कर्मचारी कार्यरत हैं, इसमें से 165944 कर्मचारी आरक्षित और 153200 के करीब कर्मचारी अनारक्षित वर्ग से हैं और OBC के 42055 हैं। इस संख्या के हिसाब से प्रदेश में 53 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी आरक्षित वर्ग के हैं और 47 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग से। वही 2018 की गणना के हिसाब से प्रदेश में 4,52,139 पद स्वीकृत थे, जिन पर नियमित कर्मचारी कार्यरत थे। यानी अभी प्रदेश में 1,32,995 पद खाली हैं।