मप्र में निलंबित नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को तत्काल बहाली के आदेश

जूनियर डॉक्टर
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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में दिनों दिन हालात गंभीर होते जा रहे है,कोरोना (Coronavirus) एक्टिव केसों की संख्या 90 हजार के करीब पहुंचने वाली है, ऐसे में मरीजों की बढ़ती संख्या और डॉक्टरों-नर्सों की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग (health Department) ने बड़ा फैसला किया है।स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी(Health Commissioner Akash Tripathi) ने निलंबित  कर्मचारियों को बहाल कर कोरोना मे ड्यूटी लगाने का आदेश दिया है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने सभी रीजनल डायरेक्टर्स को भेजे आदेश में निलंबित तृतीय श्रेणी कर्मचारियों नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ लैब टेक्नीशियन, कम्पाउंडर, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर को तत्काल बहाल करने को कहा है। इसके साथ ही मैदानी कर्मचारियों एएनएम, एमपीडब्ल्यू, पर्यवेक्षक, बीईई को बहाल कर कोरोना मरीजों के इलाज संबंधी सेवाओं में ड्यूटी लगाने के आदेश दिए हैं। हालांकि रिश्वत लेते हुए ट्रेप हुए और व्यापमं में लंबित कर्मचारियों को बहाल नहीं किया जाएगा।

वही सुत्रों की माने तो एस्मा लगाने के पहले यानी 30 मार्च को 20 दिन में ज्वाॅइनिंग देने का आदेश देने के बावजूद 186 डॉक्टर्स के सेवाएं ना देने पर एक्शन लेने की बात कहीं है। इस संबंध में नवागत स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत वरवडे को पत्र लिखकर ऐसे डाॅक्टर्स के खिलाफ एक्शन लेने को कहा है।

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बता दे कि हाल ही में कोरोना महामारी में जिम्मेदारी संभालने में विफल रहे स्वास्थ्य आयुक्त तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल को हटा दिया गया था, उनकी जगह आकाश त्रिपाठी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद से ही आकाश एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे है। त्रिपाठी मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, जबलपुर में प्रबंध संचालक और ऊर्जा विभाग के सचिव रह चुके है। उनके पास पूर्व की जिम्मेदारी बतौर अतिरिक्त प्रभार रहेगी। ।