ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मोतीझील फीडर के डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर के ऊपर बेल, झाड़ी एवं घौंसला स्वयं ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर द्वारा हटाए जाने की घटना के चलते विद्युत विभाग के महाप्रबंधक ने इसे लापरवाही मानते हुए तीन कनिष्ठ यंत्री, 3 सहायक यंत्री एवं दो कार्यपालन यंत्री के खिलाफ कार्रवाई की है।

मंत्री जी का बिजली के खंबे पर चढ़ना पड़ा भारी, विभाग में विरोध शुरू

शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ट्रिपिंग की समस्या का पता लगाने और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर की हकीकत देखने निकले थे। ऊर्जा मंत्री जब बिजली कंपनी के मुख्यालय मोतीझील पहुंचे तो वहाँ 11 केवी फीडर के डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर पर बेल, झाडियाँ और पक्षी के घोंसले दिखाई दिया जिसे ऊर्जा मंत्री ने स्वयं सीढ़ी पर चढ़कर निकाले और बिजली कंपनी के मैदानी अमले की लापरवाही पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की।

ऊर्जा मंत्री की नाराजगी और मैदानी अमले की लापरवाही सामने आने के बाद बिजली कंपनी के महाप्रबंधक शहर वृत्त विनोद कटारे ने 8 इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई की है। इस गंभीर लापरवाही के लिए कुल 3 कनिष्ठ यंत्रियों को जिसमें ट्रांसपोर्ट नगर के कनिष्ठ यंत्री रोहित अग्निभोज, उच्चदाब संधारण के कनिष्ठ यंत्री गोविंद एरोन एवं अंशु सक्सेना को आगामी एक वेतन वृद्धि रोके जाने दंड का कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। इस लापरवाही के लिए 2 कार्यपालन यंत्री अमरेश शुक्ला, उच्च दाब संधारण एवं पीयूष हजेला, शहर संभाग उत्तर तथा तीन सहायक यंत्री हिमांशु शर्मा, ट्रांसपोर्ट नगर, शैलेन्द्र पटले एवं नितिन यादव, उच्चदाब संभाग से स्पष्टीकरण मांगा है । साथ ही सभी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अपने क्षेत्र के सभी ट्रांसफार्मर एवं लाइनों का संधारण सही ढंग से कराना सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े एवं उपभोक्ताओं को बनी किसी बाधा के बिजली मिल सके।