Restaurant Menu Card: क्या आपने सुने हैं खाने के इतने अजीबोगरीब नाम, देखें ये मेन्यू कार्ड

Restaurant Menu Card : जैसा कि हम सभी जानते हैं रेस्टोरेंट में खाने की मेनू में बहुत सारे आइटम होते हैं जो कि ऑर्डर करने में बहुत कठिनाई होती है। इसलिए, कुछ रेस्टोरेंट ऑर्डर प्लेस करने के लिए आसान तरीके भी प्रदान करते हैं। उन्हें अपनी खास मेनू सेक्शन या स्पेशल्स का उल्लेख कर सकते हैं जिससे ग्राहक अपनी मनपसंद विकल्प का चयन कर सकते हैं। इस तरह से, खाने के लिए ऑर्डर करना आसान हो जाता है और ग्राहक बिना किसी तकलीफ के उनकी मनपसंद डिश का लुत्फ उठा सकते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसे रेस्टोरेंट के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका मेनू कार्ड सबसे अलग हैं। जिसे पढ़कर आपकी हंसी भी नहीं रुकेगी और आप हैरान हो जाएंगे कि क्या ऐसी भी कोई डिश हो सकती है।

Mps Kitchen Special

दरअसल, हम Mps Kitchen Special के बारे में बात कर रहे हैं। जहां अक्सर लोग रेस्तरां में खाने के लिए अनेक विकल्पों के बीच उलझ जाते हैं और फिर मेनू की लंबी सूची में गुमराह हो जाते हैं। इस समस्या को हल करने के लिए, कुछ रेस्तरां सरल मेनू या स्पेशल मेनू का उपयोग करते हैं, जिसमें वे लिमिटेड खाने के विकल्प उपलब्ध कराते हैं जो ग्राहकों को आसानी से चुन सकते हैं। हालांकि, उनके नाम बड़े ही अजीबो-गरीब होते हैं। जिसे पढ़ने के बाद किसी की भी हंसी नहीं रुक सकती है।

 

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जैसे – “220 रुपये में कुछ नहीं, 240 रुपये में कुछ भी, 260 रुपये में ऐज यू विश, नहीं तुम बोलो 280 रुपये में, नहीं नहीं तुम बोलो 300 रुपये में, बाबा जी का ठुल्लू 350 रुपये में।” केवल इतना ही नहीं, मेन्यू कार्ड के नीचे एक कोट किया गया था, जिसमें लिखा: “आपका आहार एक बैंक खाता है, अच्छे भोजन के विकल्प अच्छे निवेश हैं।” इससे ग्राहकों को अपनी पसंद के अनुसार खाना ऑर्डर करने में आसानी होगी और उन्हें खाने की अनुभव की बेहतर समझ होगी।


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Sanjucta Pandit

Sanjucta Pandit

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं।

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