हर मौसम में खिलेंगे गुड़हल के फूल, बनाएं ये केमिकल फ्री Homemade Fertilizer

Homemade Fertilizer: गुड़हल के पौधों को स्वस्थ और भरपूर फूल देने के लिए रासायनिक खादों के बजाय, आप घर पर आसानी से उपलब्ध सामग्री से बनी प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये खादें न केवल पौधों के लिए पोषक तत्वों का भंडार होती हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अनुकूल होती हैं।

भावना चौबे
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Homemade Fertilizer: चिलचिलाती गर्मी और तेज धूप अक्सर हमारे खूबसूरत बगीचों की रौनक फीकी कर देती है, खासकर हमारे प्यारे गुड़हल के पौधे भी इससे अछूते नहीं रहते। उनके फूल मुरझाने लगते हैं और पत्तियां अपना हरापन खो देती हैं। मगर घबराने की जरूरत नहीं है! आज हम आपके लिए लाए हैं एक जादुई घरेलू नुस्खा – खीरे के छिलकों से बनी खास खाद। यह खाद न सिर्फ केमिकल फ्री है बल्कि आपके गुड़हल के पौधों को नया जीवन देने में भी अचूक है। तो चलिए जानते हैं कैसे बनाएं ये खास खाद और गर्मियों में भी अपने गुड़हल के पौधों को हरा-भरा और फूलों से भरपूर बनाए रखें।

खीरे के छिलकों से बनाएं खाद

सामग्री:

खीरे के छिलके (सूखे और पीसे हुए)
मिट्टी
गोबर की खाद
नीम की खली

विधि:

सबसे पहले, खीरे को धोकर उसके छिलकों को इकट्ठा कर लें। छिलकों को धूप में अच्छी तरह सुखा लें। सूखने के बाद, छिलकों को मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें। एक बाल्टी में मिट्टी, गोबर की खाद और नीम की खली को समान मात्रा में मिलाएं। अब, इसमें तैयार किया हुआ खीरे के छिलके का पाउडर अच्छी तरह मिला लें। इस तैयार खाद को थोड़ा-थोड़ा करके गुड़हल के पौधों की जड़ों में डालें।

टिप्स:

1. खाद डालने से पहले मिट्टी को थोड़ा नम कर लें।
2. अधिक मात्रा में खाद का प्रयोग न करें, नहीं तो पौधों की जड़ें जल सकती हैं।
3. हर 2-3 सप्ताह में एक बार खाद डालें।
4. यदि आपके पास कोई प्रश्न हैं, तो कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।

खीरे के छिलके से बनी खाद के फायदे

खीरे के छिलके से बनी खाद न केवल पर्यावरण के अनुकूल और सस्ती है, बल्कि यह आपके बगीचे के लिए भी कई फायदे प्रदान करती है। खीरे के छिलके पोटेशियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत होते हैं। ये पोषक तत्व पौधों की वृद्धि, फूलों और फलों के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं। खीरे के छिलके की खाद जैविक पदार्थों को मिट्टी में जोड़ती है, जिससे मिट्टी की संरचना और जल धारण क्षमता में सुधार होता है। यह मिट्टी के सूक्ष्मजीवों की गतिविधि को भी बढ़ाता है, जो पौधों के पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करते हैं। खीरे के छिलकों में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो पौधों को रोगों और कीटों से बचाने में मदद करते हैं। खीरे के छिलके की खाद मिट्टी की सतह को ढककर खरपतवारों के विकास को रोकने में मदद करती है।

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं। मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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