International Yoga Day: नो स्पा, नो सर्जरी! 3 आसान योगासन से बनाएं चेहरे की स्किन को टाइट

International Yoga Day: हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए सिर्फ स्किन केयर प्रोडक्ट्स ही काफी नहीं होते। बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर आने वाली झुर्रियों और फाइन लाइन्स को रोकने के लिए फेशियल एक्सरसाइज भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

भावना चौबे
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International Yoga Day: यह सच है कि विभिन्न प्रकार के क्रीम, सीरम और मास्क त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फेशियल एक्सरसाइज भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं? बढ़ती उम्र के साथ, हमारी त्वचा में प्राकृतिक रूप से कोलेजन और इलास्टिन का स्तर कम होता जाता है। इससे त्वचा में ढीलापन और झुर्रियां आने लगती हैं। फेशियल एक्सरसाइज इन मांसपेशियों को मजबूत बनाकर और रक्त प्रवाह को बढ़ाकर इन परिवर्तनों को धीमा करने में मदद करते हैं।

3 आसान योगासन से बनाएं चेहरे की स्किन को टाइट

फेशियल एक्सरसाइज के फायदे

जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, चेहरे की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। इससे त्वचा ढीली पड़ने लगती है और झुर्रियां दिखने लगती हैं। फेशियल एक्सरसाइज इन मांसपेशियों को मजबूत बनाकर त्वचा को टाइट रखने में मदद करती हैं। फेशियल एक्सरसाइज चेहरे में रक्त प्रवाह को बढ़ावा देती हैं। इससे त्वचा को आवश्यक पोषक तत्व और ऑक्सीजन मिलते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार दिखाई देती है। कोलेजन एक प्रोटीन है जो त्वचा को लचीला और मजबूत बनाता है। फेशियल एक्सरसाइज कोलेजन उत्पादन को बढ़ाने में मदद करती हैं, जिससे झुर्रियां और फाइन लाइन्स कम दिखाई देती हैं। तनाव चेहरे पर झुर्रियों का एक प्रमुख कारण है। फेशियल एक्सरसाइज चेहरे के तनाव को कम करने और मांसपेशियों को आराम देने में मदद करती हैं।

1. सिंह मुद्रा

सिंह मुद्रा, जिसे सिंहासन या सिंह क्रिया के नाम से भी जाना जाता है, एक शक्तिशाली योगासन है जो चेहरे की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और चेहरे को तेजस्वी बनाने में मदद करता है। यह आसन थायराइड ग्रंथि को भी उत्तेजित करने और तनाव को कम करने में मददगार होता है

सिंह मुद्रा विधि

1. घुटनों के बल बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
2. हाथों को जांघों पर रखें और गहरी सांस लें।
3. श्वास छोड़ते हुए, जीभ को बाहर निकालें और अपनी आंखों को तनकर खोलें।
4. कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और फिर धीरे-धीरे श्वास छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं।

2. कपाल रंध्र धोति

कपाल रंध्र धोति, जिसे नाक धोने या नासिका शोधन के नाम से भी जाना जाता है, छह शत क्रियाओं (षट्कर्मा) में से एक शक्तिशाली योग क्रिया है, जो नाक को साफ करने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी है। यह नाक के मार्गों को साफ करके शरीर और मन से अशुद्धियों को दूर करने में मदद करती है।

कपाल रंध्र धोति विधि

1. पद्मासन, सिद्धासन या सुखासन जैसी आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं।
2. धीरे-धीरे और गहरी सांस लें।
3. अपने दाहिने हाथ के अंगूठे से अपनी बायीं नाक को बंद करें।
4. अपनी दायीं नाक से धीरे-धीरे और पूरी तरह से सांस छोड़ें।
5. अपने दाहिने हाथ की तर्जनी से अपनी दायीं नाक को बंद करें।
6. अपनी बायीं नाक से धीरे-धीरे और पूरी तरह से सांस लें।
7. अपने दाहिने हाथ के अंगूठे को अपनी बायीं नाक से हटा दें।
8. अपनी दायीं नाक से धीरे-धीरे और पूरी तरह से सांस छोड़ें।
9. अपने दाहिने हाथ की तर्जनी को अपनी दायीं नाक से हटा दें।

3. पाउट पोज

पाउट पोज (Pout Pose) एक सरल लेकिन प्रभावी व्यायाम है जो आपके होंठों और चेहरे की मांसपेशियों को मजबूत और टोन करने में मदद करता है। यह मुद्रा चेहरे की मांसपेशियों को लचीला बनाती है, जिससे झुर्रियों और महीन रेखाओं को कम करने में मदद मिलती है।

पाउट पोज विधि

1. अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और कंधों को आराम दें।
2. कुछ गहरी सांसें लें और अपने चेहरे की मांसपेशियों को आराम दें।
3. अपने होंठों को मछली के मुंह जैसे बनाएं, अपने होठों को बाहर की ओर फुलाएं, उन्हें जितना संभव हो सके गोल और भरा हुआ बनाएं।
4. अपने चेहरे की मांसपेशियों का उपयोग करके, अपने होठों को मजबूती से एक साथ दबाने की कोशिश करें।5. इस पाउट पोज़िशन को लगभग 5-10 सेकंड तक होल्ड करें। फिर धीरे-धीरे पाउट को छोड़ें और सामान्य स्थिति में लाएं होठों को।
6. इस पाउट मुद्रा को 3-5 बार दोहराएं।

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं। मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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